विजय दिवस पर छत्रपति संभाजीनगर में डीसीए कैडेट्स का भव्य विजय मार्च, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

Sambhajinagar Vijay Diwas: संभाजीनगर में 16 दिसंबर 1971 की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में डिफेन्स करियर अकादमी की ओर से विजय मार्च निकाला गया। कैडेट्स की अनुशासित कदमताल ने नागरिकों का मन मोह लिया।
भव्य विजय मार्च, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Sambhajinagar Defence Career Academy: छत्रपति संभाजीनगर भारतीय सेना की ओर से 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान पर प्राप्त ऐतिहासिक विजय की स्मृति में महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित सेना प्रशिक्षण संस्था डिफेन्स करियर अकादमी की ओर से शहर में नूतन कॉलोनी से क्रांति चौक तक निकाला गया, वर्दी में सजे-धजे अनुशासित तरीके से विजय मार्च डीसीए कैडेट्स की ओर से अतिथियों को दी गई सलामी व कदमताल ने शहरवासियों का मन मोह लिया।

भारतीय रक्षा मंत्रालय व सैनिक स्कूल सोसाइटी से मान्यता प्राप्त केंद्रीय सेना स्कूल डिफेन्स करियर अकादमी की ओर से विजय मार्च में भारतीय सशस्त्र बल, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने क्रांति चौक स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्रिगेडियर बर्बरे ने दीं सभी को शुभकामनाएं

ब्रिगेडियर अनूप बबरे ने DCA के कार्यों, कैडेट्स के संचलन की प्रशंसा करते हुए कहा कि DCA के छात्रों की तैयारियां अत्यंत उल्लेखनीय है। उन्होंने भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संस्थान के शिक्षकों व प्रशिक्षकों की ओर से किए गए परिश्रम के लिए निदेशक व डिफेन्स कोच प्रा. केदार रहाणे व शिक्षक वर्ग का विशेष अभिनंदन करते हुए कैडेट्स को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

युवा राष्ट्र सेवा के लिए होंगे प्रेरित : नवले

पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले ने कहा कि विजय दिवस पर यह प्रेरणादायी विजय मार्च युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगा। कमांडेंट कर्नल अरुण झा ने भी कैडेट्स को आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम के समापन पर केदार ने अकादमी की अब तक की यात्रा व उपलब्धियों की जानकारी दी। मानव विकास प्रतिष्ठान के सचिव सच्चिदानंद रहाणे भी मौजूद थे, कार्यक्रम की सफलता के लिए सीईओ उद्धव टकले, उपप्राचार्य बालकृष्णन, शशिकांत बड़ाख संग संस्थान के शिक्षकों व प्रशिक्षकों ने परिश्रम किए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com