Sambhajinagar:संजय शिरसाट एक बार फिर विवादों में, ठाकरे गुट ने सरकार और मंत्री पर साधा निशाना

Political Controversy: छत्रपति संभाजीनगर के मंत्री संजय शिरसाट एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। विट्स होटल मामले की जांच के लिए हाई पावर कमेटी गठित की गई, जिसके बाद विपक्ष ने मंत्री पर निशाना साधा।
Sambhajinagar Political Controversy
प्रतीकात्मक तस्वीर (  सोर्स:सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Hindi News: राज्य सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री व जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। शहर के बहुचर्चित विट्स होटल प्रकरण को लेकर अब हाई पावर कमेटी के माध्यम से जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है।

इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष खासतौर पर ठाकरे गुट ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और मंत्री शिरसाट पर सीधा निशाना साधा है। उबाठा के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने इस मामले की जांच पर शिरसाट को घेरा है।

प्रोजेक्ट को लेकर नियमों की अनदेखी

विट्स होटल से जुड़े इस मामले में जमीन, अनुमति और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि होटल प्रोजेक्ट को लेकर नियमों की अनदेखी की गई और इसमें प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही। इसी संदर्भ में जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट का नाम सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील बना हुआ है। सरकार की ओर से अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए हाई पावर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह कमेटी सभी दस्तावेजों, अनुमति प्रक्रियाओं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।

आने वाले दिनों में और गरमाएगी राजनीति

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह प्रकरण आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गरमा सकता है। विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष जांच के जरिए अपनी पारदर्शिता साबित करने की कोशिश करेगा।

अब सभी की निगाहें हाई पावर कमेटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता अंबादास दानवे ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उनका कहना है कि विट्स होटल मामला सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है और सरकार अब दबाव में आकर जांच की घोषणा कर रही है। ठाकरे गुट ने मांग की है कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र तरह से हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।