वित्त वर्ष खत्म होने से पहले संभाजीनगर कोषागार में बिलों की बाढ़, रोज 350-400 करोड़ के प्रस्ताव
Financial Year End: वित्त वर्ष खत्म होने से पहले संभाजीनगर कोषागार कार्यालय में बिलों की बाढ़ आ गई है। रोज 350-400 करोड़ रुपये के बिल पेश हो रहे हैं ताकि 31 मार्च से पहले सरकारी निधि खर्च की जा सके।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Government Funds ( Source: Social Media )
Chhatrapati Sambhajinagar Government Funds: छत्रपति संभाजीनगर वित्त वर्ष खत्म होने से पहले ही स्वीकृत सरकारी निधि खर्च करने के लिए सभी सरकारी दफ्तरों में गहमागहमी शुरू हो गई है। यह वजह है कि गत सप्ताह से लोक निर्माण विभाग, जलसंपदा विभाग, कृषि, जिला परिषद, मनपा, नगरपालिकाओं आदि की ओर से जिला कोषागार कार्यालय में रोजाना 350 से 400 करोड़ रुपए के बिल पोर्टल पर पेश किए जा रहे हैं।
सत्यापन करने के बाद बिल तत्काल मंजूर कर अदायगी करने का काम कोषागार कार्यालय कर रहा है। मंगलवार को 341 बिल पेश किए गए थे। अगले 4-5 दिनों में बिलों की संख्या बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार की ओर से विभिन्न सरकारी कार्यालयों को विकास योजना व अन्य कारणों के लिए करोड़ों रुपए की निधि दी जाती है।
विकास कार्यों के बिल, वेतन, प्रवास भत्ता, वैद्यकीय प्रतिपूर्ति आदि के बिल कोषागार कार्यालय के पास पेश करने पड़ते हैं। यह बिल 31 मार्च तक पेश न करने पर सरकार की ओर से संबंधित विभागों को दी जाने वाली निधि अखर्चित के रूप में सरकार के पास वापस चली जाती है।
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चालू वित्त वर्ष खत्म होने में महज 5 दिन शेष होने से कोषागार कार्यालय में बिल आने का सिलसिला बढ़ गया है। 16 मार्च से कार्यालय में पहले की तुलना में कई गुना बिल पेश किए जा रहे हैं।
जिले में सभी किस्म के 450 सरकारी कार्यालय हैं। शत-प्रतिशत मंजूर सरकार निधि खर्च करने के लिए सभी कार्यालयों में गहमागहमी जारी है। रोज लंबित बिलों का अवलोकन कर कोषागार कार्यालय में जमा किए जाने से कार्यबोझ बढ़ गया है। ऑनलाइन बिलों का भुगतान ई-कुबेर व सीएमपी ऑनलाइन प्रणाली के संबंधित विभागों अदा किए जा रहे हैं।
अवकाश के दिन भी कार्यालय खुला
मार्च एंड को देखते हुए कोषागार विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू की हैं। बिल मंजूरी के कार्य को गति देने के लिए कोषागार कार्यालय की अन्य शाखाओं के कुछ कर्मियों की तैनाती बिलों की शाखाओं में की गई है।
बिल स्वीकृति में कोई देरी न हो इसलिए हो इसलिए अब 28, 29 व 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश के दिन जिला कोषागार कार्यालय शुरू रखने का आदेश राज्य के कोषागार विभाग ने दिया है।
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इस तरह जमा की जाती है राशि
कार्यालयों के बिल पेश करने पर लेखा परीक्षक के बाद उसकी पड़ताल सुपरवाइजर की ओर से उसकी जांच की जाती है।
कोषागार अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद बिलों की राशि संबंधित खातों में जमा होती है, पुढील पाच सहा दिवसात या बिलांचा ओप आणखी वाढण्याची शक्यता आहे।
