

Chhatrapati Sambhajinagar Sukhna River Encroachment Removal Drive: छत्रपति संभाजीनगर शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सुखना नदी के दिन अब बहुरने वाले हैं। मनपा आयुक्त अमोल एडके ने मंगलवार को सुखना नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नदी के मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए सभी अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त अमोल एडके ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुखना नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को अभी से तैयारी शुरू करने और व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि नदी क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन मजबूत किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त अमोल एडके ने नदी में बह रहे दूषित और दुर्गंधयुक्त पानी पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि यह गंदा पानी औद्योगिक क्षेत्रों से आ रहा है, तो तत्काल महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के साथ समन्वय स्थापित कर इस पर रोक लगाई जाए। साथ ही, जहां-जहां से नागरिकों द्वारा ड्रेनेज का पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, वहां भी तुरंत कार्रवाई करते हुए इस प्रवाह को बंद करने के आदेश दिए।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सुखना नदी का प्रदूषण रोकना और उसे स्वच्छ बनाना मनपा की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर परिणाम देने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान मनपा आयुक्त के साथ शहर अभियंता संजय कोंबडे, मुख्य उद्यान अधिकारी तथा सुखना नदी पुनर्जीवन परियोजना प्रमुख विजय पाटील, उपायुक्त एवं घनकचरा प्रबंधन विभाग प्रमुख नंदकिशोर भोंबे, उपायुक्त अतिक्रमण निष्कासन विभाग सविता सोनवणे तथा विशेष कार्य अधिकारी जयवंत कुलकर्णी उपस्थित थे।
- नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट