
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Road Safety Campaign: छत्रपति संभाजीनगर जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर वाहन चलाना हर नागरिक का दायित्व है। संयम के साथ वाहन चलाना ही सच्ची हीरोगिरी है।
उनका मत था कि स्टेयरिंग ही डेयरिंग दिखाने की जगह नहीं है। एमजीएम विश्वविद्यालय के रुक्मिणी सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा अभियान के उद्घाटन अवसर पर वे युवाओं को मार्गदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान युवा दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को ‘सिटी यूथ आइकॉन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी विजय काठोले, महामार्ग पुलिस अधीक्षक रूपाली दरेकर ने कहा कि मनुष्य की जान बेहद कीमती है। छात्रों एवं युवाओं को सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के पालन करने की अपील भी उन्होंने की।
इस मौके पर कुलपति डॉ. विलास सपकाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. विनयकुमार राठौड़, अधीक्षक अभियंता एसएस भगत, पुलिस उपायुक्त (यातायात) शर्मिष्ठा घारगे वालावलकर, सुभाष भुजंग, राजकुमार कुमठाले, गणेश विघ्ने, शशिकांत जोगे आदि मौजूद थे।
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अधिवक्ता भगवान सदावर्ते (बाल शिक्षा), अर्णव महर्षि (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), स्वाती पाटिल (सहायक यांत्रिक अभियंता), दर्शन घोरपड़े (आयरन मैन), तनीषा बोरामणिकर (शतरंज खिलाड़ी), डॉ. कविता जाधव (चिकित्सा अधिकारी), कृष्णा मोहकरे (मोटर वाहन निरीक्षक), सचिन पाटील, प्रमोद गरड़ (पुलिस हेड कांस्टेबल), आरती राठौड़ (सहायक अभियंता), पायल नाईकवड़े (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेयॉन इल्यूमिनेशन एंड एनर्जी सोल्यूशंस) संग विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राजमाता जिजाऊ व स्वामी विवेकानंद के प्रतिमा पूजन से की गई। विश्वा राऊत ने आभार माना।






