Power Cut Chhatrapati Sambhajinagar: 7 घंटे बिजली गुल, प्यासा रहा शहर; मरम्मत के फेर में बिगड़ा पानी का गणित!

Chhatrapati Sambhajinagar Power Cut: छत्रपति संभाजीनगर में मानसून पूर्व मरम्मत के कारण 7 घंटे बिजली बंद रही, जिससे शहर की जलापूर्ति बाधित हो गई। भीषण गर्मी के बीच पानी वितरण का शेड्यूल एक दिन आगे बढ़ा।
Power Cut in Chhatrapati Sambhajinagar: 7-Hour Outage Leaves City Thirsty; Water Supply Disrupted Amidst Repair Work!
बिजली और पानी की किल्लत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Power Cut And Water Supply Disrupted: शहरवासियों के लिए शुक्रवार का दिन 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं रहा। एक ओर सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया, वहीं दूसरी ओर महावितरण और महानगरपालिका के मरम्मत कार्यों के कारण बिजली और पानी, दोनों की किल्लत ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया। मानसून से पहले के रखरखाव (Pre-monsoon maintenance) के नाम पर महावितरण ने शुक्रवार सुबह 9 बजे से बिजली गुल कर दी। सात घंटों तक बिजली बंद (Power Cut) रहने के कारण घरों में लगे कूलर और पंखे शोपीस बनकर रह गए। भीषण गर्मी के कारण सबसे बुरा हाल बुजुर्गों और छोटे बच्चों का हुआ। लोग दिन भर बिजली आने का इंतज़ार करते रहे, लेकिन आपूर्ति शाम के बाद ही सुचारू हो सकी।

मनपा की जलवाहिनी मरम्मत: 6 स्थानों पर हुआ काम

बिजली गुल (Power Cut) होने का फायदा उठाते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने भी अपनी पुरानी और जर्जर हो चुकी जलवाहिनी की मरम्मत का जिम्मा उठाया। 1400 मिमी व्यास वाली मुख्य पाइपलाइन में आए लीकेज को दूर करने के लिए छह प्रमुख स्थानों पर युद्धस्तर पर काम किया गया:

  • ढोरकीन गांव और बाजार क्षेत्र
  • नक्षत्र वाड़ी
  • रेलवे स्टेशन परिसर
  • क्रांति चौक और अन्य दो स्थान

शेड्यूल हुआ प्रभावित, अब एक दिन देरी से मिलेगा पानी

दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक मरम्मत कार्य चलने के कारण मुख्य जलकुंभ (Water Tanks) पूरी तरह खाली हो गए। इसका सीधा असर छत्रपति संभाजीनगर की जलापूर्ति पर पड़ा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काम पूरा होने के बावजूद पाइपलाइन में दबाव बनने में समय लगेगा, जिसके कारण अब पानी वितरण का पूरा शेड्यूल एक दिन आगे (Delayed by 24 hours) खिसक गया है।

तालमेल की कमी और भविष्य की चुनौती

हालांकि मानसून पूर्व रखरखाव और पाइपलाइन की मरम्मत तकनीकी दृष्टि से अनिवार्य है, लेकिन भीषण गर्मी के चरम पर इस तरह के दोहरे शटडाउन ने प्रशासनिक तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के एक साथ बाधित होने से जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। अब नागरिकों की निगाहें महानगरपालिका के उस वादे पर टिकी हैं, जिसमें सोलर प्रोजेक्ट और नई पाइपलाइन के जरिए भविष्य में ऐसी 'दोहरी मार' से निजात दिलाने का दावा किया गया है। आने वाले दिनों में यदि वितरण का शेड्यूल जल्द पटरी पर नहीं लौटा, तो शहर में पानी को लेकर आक्रोश और बढ़ सकता है।

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