

CSMC Tax Recovery Plan: महानगरपालिका की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने और शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने एक व्यापक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कर वसूली (Tax Collection) की सीमाओं का विस्तार करना और नागरिक सेवाओं को आधुनिक बनाना है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अब उन संपत्तियों पर कड़ा प्रहार करेगा जो अब तक कर के दायरे से बाहर थीं।
राजस्व में वृद्धि के लिए मनपा ने एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है। प्रत्येक ज़ोन में एक महीने के लिए 'स्पेशल सेल' का गठन किया जा रहा है। इन सेल्स की मुख्य विशेषताएं हैं की जिन संपत्तियों का अभी तक टैक्स असेसमेंट नहीं हुआ है, उन्हें मात्र 1-2 सप्ताह के भीतर पंजीकृत किया जाएगा। संपत्ति के निर्धारण के साथ ही नागरिकों को उसी दिन कर जमा करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह सेल करदाताओं को 'एडवांस टैक्स' भुगतान पर मिलने वाली छूट के बारे में जानकारी देकर उन्हें प्रोत्साहित करेगा।
आयुक्त येडगे ने बताया कि भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) सर्वे के दौरान शहर में 3 लाख से अधिक संपत्तियां चिन्हित की गई थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष में केवल 1.40 लाख संपत्ति धारकों ने ही कर का भुगतान किया। इसका अर्थ है कि लगभग 1.60 लाख संपत्तियां अब भी कर दायरे से बाहर हैं। इन बकायेदारों को नेटवर्क में लाने के लिए 20 अनुभवी कर्मचारियों की एक विशेष टीम को फील्ड में उतारा गया है। इसके अलावा, गुंठेवारी क्षेत्रों की संपत्तियों को भी अब औपचारिक कर ढांचे में शामिल किया जाएगा।
छत्रपति संभाजीनगर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मनपा ने कचरा प्रबंधन की कमान एक नई एजेंसी को सौंपी है। नई एजेंसी 1 मई से अपना कार्यभार संभाल सकती है। वर्तमान में 2 कचरा हस्तांतरण केंद्र (RTS) तैयार हैं, जबकि तीसरे पर काम युद्धस्तर पर जारी है। नई एजेंसी के आने से कचरा संग्रहण (Collection) और निस्तारण (Disposal) की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है।
शहरवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि नई जल आपूर्ति योजना का काम अंतिम चरण में है। नक्षत्र वाड़ी तक पानी पहुँच चुका है और प्लांट का शेष कार्य अगले 3 सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाएगा। पहले चरण में शहर को 50 MLD अतिरिक्त पानी मिलेगा, जिससे पानी की किल्लत काफी हद तक दूर होगी। जल योजना के भारी बिजली बिल को कम करने के लिए मनपा सोलर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसके लिए 3-4 अलग-अलग मॉडल्स पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक कामकाज में देरी को समाप्त करने के लिए पूरी मनपा में 'ई-ऑफिस' प्रणाली लागू की जा रही है। इससे फाइलों का मूवमेंट डिजिटल होगा, कागजी कार्यवाही कम होगी और आम नागरिकों के काम अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरे होंगे।