

Chhatrapati Sambhajinagar Solid Waste Management: छत्रपति संभाजीनगर शहर की ऐतिहासिक धरोहर पनचक्की परिसर में शनिवार को महानगरपालिका की ओर से व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। मनपा आयुक्त अमोल येडगे के निर्देश पर घनकचरा प्रबंधन विभाग ने युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में लगभग 3 मीट्रिक टन कचरा हटाया। अभियान के दौरान प्लास्टिक, गीला कचरा, सूखी पत्तियां, कागज, मिट्टी और अन्य अपशिष्ट सामग्री से भरी करीब 60 से 65 बड़ी बोरियां एकत्र की गईं।
इस विशेष सफाई अभियान से लगभग 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक पनचक्की को नई पहचान और स्वच्छ वातावरण मिला है। शुक्रवार को खाम नदी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान मनपा आयुक्त अमोल येडगे अधिकारियों के साथ पनचक्की परिसर पहुंचे थे।
इस दौरान उन्हें परिसर के विभिन्न हिस्सों में भारी मात्रा में कचरा जमा दिखाई दिया। पनचक्की के मुख्य प्रवेश क्षेत्र, मुसाफिरखाना, वक्फ बोर्ड कार्यालय के आसपास तथा अन्य स्थानों पर फैली गंदगी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। आयुक्त के आदेश के बाद घनकचरा प्रबंधन विभाग ने उप आयुक्त नंदकिशोर भोंबे के मार्गदर्शन में शनिवार सुबह 9 से 11 बजे के बीच विशेष सफाई अभियान संचालित किया। सफाई कर्मियों और अधिकारियों की टीम ने दो घंटे के भीतर पूरे परिसर की गहन सफाई कर बड़ी मात्रा में कचरा हटाया।
इसके बाद सुबह 8 से 9 बजे के बीच आयुक्त ने रोशन गेट से आजाद चौक, बग्गा इंटरनेशनल क्षेत्र तथा विभागीय ग्रंथालय के समीप सिल्लेखाना मार्ग पर चल रहे सौंदर्याकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के प्रयासों को समर्थन दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि छत्रपति संभाजीनगर शहर के कचरा प्रभावित स्थलों को स्थायी रूप से समाप्त करने तथा नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि पनचक्की शहर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पर्यटन धरोहर है, जिसे देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यदि पर्यटकों को ऐसे स्थलों पर गंदगी दिखाई देती है तो शहर की छवि प्रभावित होती है। इसी कारण परिसर को पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक बनाने का अभियान चलाया गया है। उन्होंने संबंधित
प्रबंधन को भी नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। पनचक्की अभियान के साथ-साथ आयुक्त ने शहर की अन्य स्वच्छता व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। सुबह 7 से 8 बजे के बीच उन्होंने सेंट्रल नाका और कंचनवाड़ी स्थित कचरा संकलन वाहनों के केंद्रों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।