छत्रपति संभाजीनगर में शुरू हुआ ट्रैफिक पुलिस का ‘No Helmet, No Entry in Office’ अभियान
No Helmet No Entry in Office: छत्रपति संभाजीनगर में बिना हेल्मेट कार्यालयों में प्रवेश नहीं मिलेगा। एक माह जागरूकता अभियान के बाद कार्रवाई होगी। सड़क हादसों में 60% मौतें दोपहिया चालकों की हैं।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार (सोर्सः AI)
Chhatrapati Sambhajinagar No Helmet No Entry in Office Campaign: शहर में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्तालय ने हेल्मेट और सीट बेल्ट को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों, मेडिकल और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों, बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों में दोपहिया वाहन से आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के लिए हेल्मेट का उपयोग अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
अगले एक महीने तक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी शहर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
दोपहिया हादसों में सबसे अधिक मौतें
सीपी प्रवीण पवार ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में होने वाले घातक सड़क हादसों में करीब 60 प्रतिशत मामलों में दोपहिया वाहन शामिल हैं। अधिकांश मामलों में हेल्मेट नहीं पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। प्रशासन के अनुसार, हादसों में परिवार के कमाऊ सदस्य अथवा युवा सदस्यों की मौत से कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
फीस बकाया होने पर छात्रों को बनाया बंधक, नासिक में स्वराज्य पार्टी और अभिभावकों ने किया विरोध प्रदर्शन
भाजपा की तो नाक कट गई… बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत पर बोले रोहित पवार; कहा- BJP की डेडलाइन आ गई है
300 अवैध गर्भपात कराने वाले कोल्हापुर के डॉक्टर के कारनामे उजागर, लड़का होने का दावा कर चला रहा था रैकेट
Bhandara News: जमीन के रिकॉर्ड से नाम हटाने का आरोप, न्याय की मांग को लेकर व्यक्ती ने दी आत्महत्या की चेतावनी
एक महीने तक जागरूकता, फिर कार्रवाई
राज्य सरकार की शून्य मृत्यु सड़क दुर्घटना नीति के तहत पुलिस विभाग और क्षेत्रीय परिवहन विभाग संयुक्त रूप से यह अभियान चला रहे हैं। प्रारंभिक चरण में विभिन्न संस्थाओं, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से लोगों को हेल्मेट और सीट बेल्ट के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालयों और संस्थानों को भेजे जाएंगे पत्र
सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों, मेडिकल और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों, बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों को पत्र भेजकर कर्मचारियों के लिए हेल्मेट उपयोग से संबंधित आंतरिक नियम बनाने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही सुरक्षित वाहन संचालन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की जाएगी।
पुलिस विभाग से ही हुई शुरुआत
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने बताया कि हेल्मेट अनिवार्यता अभियान की शुरुआत पुलिस विभाग से की गई है। पुलिस आयुक्तालय के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। जल्द ही सभी पुलिस थानों में भी इस नियम को लागू किया जाएगा, ताकि समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
सीट बेल्ट पर भी रहेगा विशेष ध्यान
चारपहिया वाहन चालकों और आगे की सीट पर बैठने वाले यात्रियों के लिए सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। जनजागरण के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
वाहन चोरी के मामलों पर भी सख्ती
पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर में दर्ज होने वाले लगभग 30 प्रतिशत अपराध वाहन चोरी से जुड़े हैं। हर वर्ष 800 से एक हजार वाहन चोरी हो जाते हैं और उन्हें पड़ोसी जिलों में बेच दिया जाता है। सस्ती कीमत के लालच में लोग बिना दस्तावेजों के वाहन खरीद लेते हैं। अब पुलिस विशेष अभियान चलाकर वाहनों के दस्तावेजों की जांच करेगी। दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहन जब्त कर लिया जाएगा।
पांच माह में 244 लोगों की मौत
जिले में वर्ष 2025 के दौरान सड़क हादसों में 701 लोगों की जान गई, जो वर्ष 2024 की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक पांच महीनों में 244 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2025 में शहर में 170 लोगों की जान गई थी। मृतकों में लगभग 60 प्रतिशत दोपहिया चालक थे और इनमें 18 से 41 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे अधिक रही।
यह भी पढ़ेः- अमरावती में प्रदर्शन; SC उपवर्गीकरण वापस लेने की मांग को लेकर निकला मोर्चा, कृति समिती ने DM को सौंपा ज्ञापन
सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना उद्देश्य
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने कहा, घातक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हेल्मेट और सीट बेल्ट का उपयोग सबसे प्रभावी उपाय है। नागरिकों की भागीदारी और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
