संभाजीनगर में नई योजना की खुली पोल: टेस्टिंग के 4 घंटे बाद ही फटी पाइपलाइन, जलाशयों तक नहीं पहुंचा पानी

Sambhajinagar New Water Scheme: छत्रपति संभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना शुरू होते ही पाइपलाइन फट गई। एन-5 जलाशयों तक पानी नहीं पहुंच सका, जिससे परीक्षण के तहत शुरू हुई जलापूर्ति रोकनी पड़ी।
Flaws in new Sambhajinagar scheme exposed: Pipeline burst just four hours after testing; water failed to reach reservoirs.
संभाजीनगर जलापूर्ति, नई जल योजना, पाइपलाइन फटी,(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Jayakwadi Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना शुरू होते ही तकनीकी खामी सामने आ गई। पिरामिड चौक पर 600 मिमी व्यास की जोड़ पाइपलाइन फट जाने से एन-5 क्षेत्र के जलाशय क्रमांक-2 और 3 तक पानी पहुंच ही नहीं सका।

परिणामस्वरूप परीक्षण के तौर पर शुरू की गई जलापूर्ति महज चार-पांच घंटे बाद बंद करनी पड़ी। तीन दिन बीत जाने के बावजूद पाइपलाइन की मरम्मत पूरी नहीं होने से संबंधित क्षेत्रों में नई योजना के तहत जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद फिलहाल टल गई है।

पाइपलाइन फटी, नई जलापूर्ति योजना फिर अटकी

सूत्रों के अनुसार, जलाशयों में केवल दो से तीन एमएलडी पानी ही संग्रहित हो सका। इसके बाद रिसाव बढ़ने पर आपूर्ति रोक दी गई और मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

नई योजना के तहत जायकवाड़ी बांध से मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र तक पानी पहुंचाया जा रहा है। 1500 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन का परीक्षण पूरा होने के बाद एन-5 के जलाशयों में पानी छोड़ा गया था, लेकिन पिरामिड चौक पर जोड़ पाइपलाइन फटने से पूरी प्रक्रिया रोकनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद दोबारा परीक्षण किया जाएगा।

अगस्त में 2 और मुख्य लाइनों से मिलेगी राहत

नई योजना के तहत 11 सौ मिमी और 2 हजार मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइनों का कार्य अंतिम चरण में है। जुबली पार्क, हनुमान टेकड़ी और अन्य स्थानों पर पाइपलाइन जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि देवलाई चौक पर क्रॉसिंग का कार्य भी शेष है।

अधिकारियों का दावा है कि शेष तकनीकी बाधाएं दूर होते ही अगस्त माह में इन दोनों मुख्य पाइपलाइनों के माध्यम से भी शहर के विभिन्न हिस्सों में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी इस बीच योजना के अंतर्गत बनने वाले करीब 22 से 25 जलाशयों का निर्माण कार्य भी अभी जारी है।

संबंधित ठेकेदार कंपनी को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। अधिकारियों के अनुसार, सभी शेष नागरिक निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नई जलापूर्ति योजना के सफल संचालन के लिए पाइपलाइन और जलाशयों का निर्माण समय पर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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