मनपा का नया एक्शन प्लान: अब हर वार्ड में तय होंगी सिर्फ 10 प्राथमिकताएं; विकास को मिलेगी दिशा

Municipal Corporation: वार्डों की सैकड़ों मांगों के बीच मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत का एक्शन प्लान: संयुक्त भ्रमण, नागरिक संवाद और 10 प्राथमिक कामों की सूची से विकास को मिलेगी नई दिशा।
Municipal Corporation's new action plan: Now only 10 priorities will be set for each ward; this will give direction to development
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Urban Development: छत्रपति संभाजीनगर मनपा चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने अपने अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए प्रशासन के समक्ष लगातार मांगें रखनी शुरू कर दी हैं। प्रत्येक नगरसेवक अपने क्षेत्र के कार्यों को प्राथमिकता दिलाने पर जोर दे रहा है। एक साथ बड़ी संख्या में मांगें सामने आने से प्रशासन के सामने यह तय करना कठिन हो गया था कि किन कार्यों को पहले स्वीकृति दी जाए।

इस स्थिति से निपटने के लिए मनपा आयुक्त जी श्रीकांत ने एक विस्तृत और व्यावहारिक एक्शन प्लान तैयार किया है। इस एक्शन प्लान के अंतर्गत प्रत्येक वार्ड में चारों नगरसेवक और मनपा के संबंधित अधिकारी संयुक्त रूप से क्षेत्र का दौरा करेंगे।

इस संयुक्त प्रातः भ्रमण के दौरान सड़कों, जल आपूर्ति, जल निकासी, स्वच्छता, विद्युत, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी प्रमुख शिकायतों को दर्ज किया जाएगा।

प्रातः भ्रमण के बाद चारों नगरसेवकों को आपसी मतभेद भुलाकर वार्ड की सबसे महत्वपूर्ण दस समस्याओं की सूची तैयार करनी होगी। इन्हीं दस कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे एक साथ सैकड़ों मांगों के चोझ से राहत मिलेगी और विकास कार्यों की दिशा स्पष्ट होगी।

तकनीकी मंजूरी व कार्यान्वयन में दिख रही मुस्तैदी

अब तक एक साथ बड़ी संख्या में प्रस्ताव आने के कारण निर्माण और जल निकासी विभाग के सामने यह असमंजस बना हुआ था कि किस कार्य को पहले निधि दी जाए। नई व्यवस्था के तहत यदि नगरसेवक स्वयं दस प्रमुख कार्य तय कर देंगे तो निविदा प्रक्रिया, तकनीकी मंजूरी और कार्यान्वयन में तेजी आएगी।

जिन समस्याओं से नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, उन्हीं कार्यों को पहले चरण में स्वीकृति देने के संकेत प्रशासन ने दिए हैं। मनपा आयुक्त के इस निर्णय से यह भी स्पष्ट हो गया है कि अब केवल पत्र व्यवहार के आधार पर विकास कार्य संभव नहीं होंगे।

नगरसेवकों को स्वयं क्षेत्र में उतरकर वास्तविक स्थिति को समझना होगा और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। संयुक्त प्रातः भ्रमण से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद बढ़ेगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

प्रत्येक नगरसेवक के लिए 50 करोड़ का प्रावधान

मनपा प्रशासन ने संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्णय लिया है कि प्रत्येक नगरसेवक के वार्ड में लगभग पचास करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे। इससे अनुभवी नगरसेवकों के साथ साथ नए नगरसेवकों को भी समान रूप से विकास कार्य करने का अवसर मिलेगा।

प्रशासन का मानना है कि इस नीति से सभी वार्डों में समान और नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा और नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का लाभशीघ्र मिलेगा।

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