Sambhajinagar Corporator Recommendation Controversy( Source: Social Media )
Sambhajinagar Corporator Recommendation Controversy: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में नौकरी दिलाने के लिए नगरसेवकों के सिफारिशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 700 से अधिक आवेदन पहुंच चुके हैं, जबकि उपलब्ध पदों की संख्या सीमित होने से प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
115 नगरसेवकों में से कई अपने समर्थकों व करीबी सहयोगी को नौकरी दिलाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। चुनाव के कुछ ही हफ्तों बाद सिफारिशों का यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है, जिससे प्रशासन पर दबाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है।
भर्ती प्रक्रिया फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट पद्धति से संचालित की जा रही है, जिसके लिए तीन निजी एजेंसियां नियुक्त की गई हैं। हालांकि, इस व्यवस्था में भी सिफारिशों का प्रभाव देखने को मिल रहा है।
कुछ नगरसेवक अपने समर्थकों को अस्थायी या संविदात्मक आधार पर काम दिलाने के लिए भी दबाव बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अगर सिफारिश किए गए उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा सकता है।
कुछ मामलों में दबाव की रणनीति अपनाने की भी चर्चा है, जिससे प्रशासन सतर्क रुख अपनाए हुए है। इस पूरे मामले की जानकारी महापौर समीर राजूरकर तक पहुंचाई गई है।
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अब प्रशासन के सामने सीमित पदों, विभागीय जरूरतों व बढ़ती अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेने की चुनौती है। बढ़ती सिफारिशों के कारण भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
संविदा भतीं में भी बाहरी हस्तक्षेप बढ़ने की बात सामने आ रही है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट नीति बनाकर निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया लागू करना जरूरी है। यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था व राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन की परीक्षा बनता जा रहा है।