

Dilapidated Buildings Demolition: छत्रपति संभाजीनगर में बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों के गिरने से संभावित जनहानि रोकने के लिए महानगरपालिका ने खतरनाक भवनों के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को गुलमंडी स्थित सुपारी हनुमान मंदिर के पास लगभग 80 से 100 वर्ष पुरानी दो मंजिला जर्जर इमारत को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया।
इसके साथ ही फूल बाजार की गली में स्थित गुलबहार फ्लावर सेंटर की दो जर्जर दुकानों को भी हटाया गया। महानगरपालिका की टीम ने उत्तम मिठाई भंडार के समीप स्थित एक अन्य खतरनाक इमारत पर भी कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन भवन मालिक ने नोटिस प्राप्त नहीं होने का दावा किया। इसके बाद प्रशासन ने फिलहाल यह कार्रवाई स्थगित कर दी।
शहर में 41 से अधिक इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है। सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हालांकि कई मामलों में मालिक-किरायेदार विवाद, स्वामित्व संबंधी मामले और न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से सभी जर्जर भवनों को हटाने का निर्णय लिया है।
गुरुवार की कार्रवाई मनपा के अतिक्रमण नियंत्रण विभाग के नियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के नेतृत्व में की गई। कन्नूलाल बाबूलाल के स्वामित्व वाली दो मंजिला इमारत लंबे समय से खाली पड़ी थी और अत्यंत जर्जर हो चुकी थी। व्यावसायिक गतिविधियां जारी रहने के बीच मात्र 25 मिनट में पूरी इमारत को सुरक्षित ढंग से ध्वस्त कर दिया गया।
इसी दौरान फूल बाजार स्थित गुलबहार फ्लावर सेंटर में जब्बार हुसैन फिदा अली कमरुद्दीन तथा किरायेदार अमदतुल्ला हाजी इनायतुल्ला की जर्जर फूल एवं सूटकेस की दो दुकानों को भी हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान जोन-1 की सहायक आयुक्त लता पुजारी, अतिक्रमण विभाग के सहायक आयुक्त संजय सुरडकर, भवन निरीक्षक रविंद्र देसाई, छत्रपति संभाजीनगर मनपा कर्मचारी तथा नागरिक मित्र दल के सदस्य मौजूद रहे। संतोष वाहुले ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में शेष खतरनाक भवनों पर भी चरणबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।