मनरेगा अब ‘वी.बी. जी राम जी’ नाम से हुई लागू, ग्रामीण विकास को नई दिशा; मनरेगा को मिला नया स्वरूप
MNREGA Scheme Update: मनरेगा योजना समाप्त नहीं हुई है, बल्कि सुधार कर उसका नाम बदला गया है। अब ‘वीबीजी राम जी’ योजना के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Rural Employment Days Increased: छत्रपति संभाजीनगर पूर्ववर्ती मनरेगा योजना को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि उसमें आवश्यक सुधार कर उसका नाम परिवर्तित किया गया है। यह स्पष्ट किया है पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री तथा सांसद डॉ. भागवत कराड़ ने।
उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में 20 दिसंबर को पुराने कानून में संशोधन कर योजना को नया स्वरूप दिया गया है और अब यह योजना ‘वी।बी। जी राम जी’ नाम से लागू की गई है। डॉ. कराड ने यह जानकारी पत्रकार परिषद में दी।
इस अवसर पर राज्य के ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे, विधायक संजय केनेकर, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष किशोर शितोले, इदरीस मुलतानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सम्बंधित ख़बरें
मरीजों की जान से खिलवाड़ पड़ा भारी! नागपुर के चर्चित नकली दवा कांड में आरोपी रमण तनेजा की जमानत अर्जी खारिज
Mumbai Electric Bus: बेस्ट का मेगा प्लान, ईस्टर्न फ्रीवे और अटल सेतु पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें
1993 धमाकों के दोषी अबू सलेम की रिहाई पर SC का फैसला सुरक्षित! जानें क्या है पुर्तगाल की 25 साल वाली शर्त
जब्त ट्रैक्टर छुड़ाने पहुंचे किसान से मांगी 20 हजार की घूस! चंद्रपुर ACB ने भद्रावती वन कार्यालय में मारा छापा
डॉ. कराड ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस द्वारा इस विषय पर की गई पत्रकार परिषद के संदर्भ में ही तथ्यों को सामने रखने के लिए यह प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
पहले जहां 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत जलसंबंधी कार्य, मुख्य ग्रामीण आधारभूत ढांचे का विकास, आजीविका से जुड़ी सुविधाओं की स्थापना सहित चार प्रमुख प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है।
कटाई के मौसम में 60 दिनों तक कार्य रोकने का प्रावधान
डॉ. कराड ने कहा कि नाम परिवर्तन कोई नई बात नहीं है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर चल रही लगभग 600 योजनाओं के नाम बदले गए हैं।
यह भी पढ़ें:-मुकुंदवाड़ी स्टेशन परिसर में खुलेआम चलीं गोलियां, इलाके में दहशत; कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे
इसी क्रम में पहले ‘राजपथ’ कहलाने वाले मार्ग का नाम कर्तव्य पथ’ किया गया, साथ ही देश में अन्य तीन स्थानों के नाम भी बदले गए हैं। नए विधेयक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि बुवाई और कटाई के मौसम में साठ दिनों तक कार्य रोकने का प्रावधान किया गया है, ताकि उस अवधि में खेतिहर मजदूरों की कमी न हो।
