Chhatrapati Sambhajinagar Mahavitaran Auto Disconnection Drive ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Mahavitaran Auto Disconnection Drive: छत्रपति संभाजीनगर बढ़ती बिजली बिल बकाया राशि को नियंत्रित करने के लिए महावितरण ने ‘ऑटो डिस्कनेक्शन’ अभियान शुरू किया है, इसके तहत स्मार्ट मीटर लगाए गए उपभोक्ताओं का कनेक्शन बकाया बिल न भरने पर रिमोट तरीके से काटा जा रहा है।
राज्य में प्रायोगिक तौर पर महावितरण ने यह अभियान शुरू किया है, 23 फरवरी से संभाजीनगर परिमंडल में भी इसे लागू किया गया। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं ने तय समय में बिल का भुगतान नहीं किया तो कंप्यूटर सिस्टम के जरिए उनकी बिजली आपूर्ति बंद की जा रही है।
बिल जमा करने के बाद सप्लाई भी अपने आप फिर से शुरू हो जाती है। परिमंडल में अब तक 7,736 से अधिक बकायेदारो की बिजली आपूर्ति स्मार्ट मीटर की स्वचालित प्रणाली से बंद की जा चुकी है।
इनमें से 2,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने तुरंत बिल भरकर अपनी बिजली फिर से चालू करवाई है। महावितरण अब यह भी जांच कर रहा है कि जिनकी बिजली काटी गई है, वे वास्तव में अंधेरे में हैं या फिर अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
परिमंडल में करीब साढ़े दस लाख गैर कृषि उपभोक्ताओं में से लगभग 4 लाख स्मार्ट टीओडी मीटर लगाए जा चुके हैं। इनको दिन के समय बिजली उपयोग पर प्रति यूनिट 80 पैसे की छूट भी दी जा रही है।
स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में फैले भ्रम को दूर करने के लिए महावितरण ने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे नागरिकों को इसके फायदे समझाएं व डोअर टू डोअर जानकारी दी जा रही है।
बकाया बिल दर्ज होते ही एसएमएस के जरिए सूचना दी जाती है, तय समय सीमा के बाद भी भुगतान नहीं होने पर सिस्टम खुद ही बिजली सप्लाई बंद कर देता है। बिल भरते ही रिमोट के जरिए दोबारा कनेक्शन चालू कर दिया जाता है। इससे समय व श्रम की भी बचत होती है।
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स्मार्ट मीटर में टू-वे कम्यूनिकेशन सिस्टम लगा होता है। यदि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत महावितरण के सर्वर तक पहुंच जाती है। इस पर 24 घंटे नजर रखी जाती है। ऐसे मामलों में बिजली चोरी का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए है।