

Sambhajinagar HC On SIR Deadline Extension: विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी करने के लिए 29 नवंबर तक समय बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका को जनहित याचिका में बदलने की अनुमति मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने दी है।
न्यायमूर्ति नितिन बी। सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति अबासाहेब डी। शिंदे की पीठ ने याचिकाकर्ता को न्यायालय के नियमों के अनुसार संशोधित जनहित याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता इकबाल पटेल की ओर से एड. एकलव्य संदेश पोतदार ने यह याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम समय सीमा 8 अगस्त निर्धारित की है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए।
याचिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घर-घर सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र मतदाता केवल अनुपस्थित रहने के कारण मतदाता सूची से वंचित न हो तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न किया जाए।
याचिका में राज्य में जारी वर्षा और प्रतिकूल मौसम का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि किसान और खेतिहर मजदूर कृषि कार्यों में व्यस्त हैं। वहीं रोजाना मजदूरी करने वाले श्रमिक, प्रवासी कामगार, नौकरीपेशा लोग और विद्यार्थी भी अपने काम तथा अन्य कारणों से घर से बाहर रहते हैं।
रोजगार, परीक्षा अथवा अन्य आवश्यक कार्यों के कारण अस्थायी रूप से बाहर रहने वाले नागरिकों के घरों का सत्यापन निर्धारित अवधि में पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, दुर्गम तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलना आवश्यक है। इससे पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के साथ ही मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।
इस बीच, 4 अगस्त के आदेश से एसआईआर प्रक्रिया को 29 नवंबर तक समय वृद्धि नहीं मिली है। याचिका में उठाए गए मुद्दे और की गई मांगें व्यापक जनहित से जुड़ी होने को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ ने इसे जनहित याचिका में बदलने की अनुमति दी है।
अब याचिकाकर्ता न्यायालय के नियमों के अनुसार संशोधित जनहित याचिका दाखिल करेंगे। इसके बाद एसआईआर की समयसीमा बढ़ाकर 29 नवंबर करने की मांग पर न्यायालय में आगे की सुनवाई और कार्यवाही होगी।