Chhatrapati Sambhajinagar Weather Update: 41.6 डिग्री का टॉर्चर हुआ कम, बादलों की आर्मी ने घेरा आसमान

Chhatrapati Sambhajinagar Weather: छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज होने के बाद अब बादलों ने डेरा डाल दिया है। जानें 4 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और बारिश की संभावना
Chhatrapati Sambhajinagar Weather Update: The torture of 41.6 degrees has subsided as an army of clouds blankets the sky.
बादल छाए हुए (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Weather News: छत्रपति संभाजीनगर में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से शनिवार को नागरिकों को कुछ राहत मिली है। अप्रैल महीने की शुरुआत से ही सूर्य देव के कड़े तेवर देखने को मिल रहे थे, जिसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। शुक्रवार को इस सीजन का अब तक का सबसे भीषण तापमान 41.6°C दर्ज किया गया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। हालांकि, शनिवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू होने से चिलचिलाती धूप का प्रभाव कम हुआ है। चिकलथाना वेधशाला के अनुसार, तापमान में आई इस मामूली गिरावट से शहरवासियों ने चैन की सांस ली है।

पश्चिमी विक्षोभ और बारिश का पूर्वानुमान

मौसम में आए इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सक्रिय होना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण अगले 48 घंटों में शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम काफी बदल जाएगा। विशेष रूप से 20 और 21 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। यदि यह वर्षा होती है, तो वर्तमान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और अधिक गिरावट देखी जा सकती है, जिससे वातावरण में ठंडक घुलेगी।

बढ़ती उमस और स्वास्थ्य चुनौतियां

बादल छाने से भले ही धूप की तपिश कम हुई हो, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस (Humidity) की समस्या बढ़ने की आशंका है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40.6°C और न्यूनतम तापमान 26.6°C रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में होने वाले इस उतार-चढ़ाव और बढ़ती उमस से पसीने की समस्या बढ़ेगी। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मौसम के इस दोहरे मिजाज के कारण सिरदर्द, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे शरीर में पानी की कमी न होने दें और सीधे धूप में निकलने से बचें।

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