प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Political Controversy: छत्रपति संभाजीनगर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कार्यक्रम में टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करने के बाद हिंदुत्ववादी संगठनों में आक्रोश व्याप्त है।
इसके अंतर्गत रविवार को भाजपा ने क्रांति चौक में प्रदर्शन कर सपकाल की प्रतीकात्मक प्रतिमा पर जूते मारकर नारेबाजी भी की। ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वजह से हमें स्वराज्य में मिला।
छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना किसी के साथ नहीं हो सकती। सपकाल राज्य के इतिहास से अनजान हैं। टीपू सुल्तान नागरिकों के धर्मांतरण, गरीबों व महिलाओं पर अत्याचार करने का आरोप भी सावे ने लगाया। चेताया कि सपकाल को शहर में पैर रखने नहीं देने व भविष्य में तीव्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
भाजप के शहर जिलाध्यक्ष किशोर शितीले ने कहा कि गरीब लोगों का धर्मांतरण करवाकर उनकी हत्या करने वाले टीपू सुल्तान की कांग्रेस वाहवाही क्यों कर रही है? कहा कि 19 फरवरी को मनाई जाने वाली शिवजयंती से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के कार्यों को पढ़ाना छोड़कर टीपू सुल्तान का मुद्दा उठाकर उसे बढ़ावा देना अनुचित है।
शिवजयंती के दौरान टीपू सुल्तान की प्रतिमा पर जूते बरसाकर आंदोलन करने की चेतावनी भी उन्होंने दी। आंदोलन में शामिल महापौर समीर राजूरकर संग भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की गूंज से क्रांति चौक क्षेत्र गूंज उठा।
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आंदोलन के दौरान विधान परिषद सदस्य संजय केणेकर ने आरोप लगाया कि पहले ही कांग्रेस की स्थिति दयनीय हो गई है, पार्टी के शीर्ष नेताओं के इस तरह के बयान से कांग्रेस खत्म होने देर नहीं लगेगी, जनमानस के मन में भी वही बात है।