प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
National Health Program: छत्रपति संभाजीनगर कैंसर, पक्षाघात, अंतिम चरण के दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित व बिस्तर पर निर्भर मरीजों की पीड़ा कम करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में जिला पैलिएटिव केयर समिति का गठन किया गया है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम के अंतर्गत बनाई गई समिति के जरिए केवल मरीजों को ही नहीं, बल्कि उनके परिजनों को भी मानसिक सहयोग, परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार पैलिएटिव केयर सेवाओं से गंभीर बीमारियों की पीड़ा कम होगी। यही नहीं, मरीजों का जीवन अधिक सहज व सम्मानजनक बनने में सहायता मिलेगी। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कमलाकर मुदखेड़कर की अध्यक्षता में गठित यह समिति जिले के गंभीर रोगियों के लिए बेहद अहम निर्णय माना जा रहा है। समझा जाता है कि इससे मरीजों और परिजनों को सहारा मिलेगा।
इस कार्यक्रम के तहत गांव स्तर पर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त, चलने-फिरने में असमर्थ, लंबे समय से उपचार पर निर्भर मरीजों की जानकारी एकत्र की जाएगी, मरीजों की लक्षणों के अनुसार स्वास्थ्य परामर्श, दर्द नियंत्रण उपचार, जरूरत पड़ने पर घर पर चिकित्सा सेवा व उच्चस्तरीय अस्पताल में रेफरल सुविचा उपलब्ध कराई जाएगी, यही नहीं, उपचार के बाद नियमित फॉलोअप सेवा भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रहेगी।
पैलिएटिव केयर सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला अस्पताल में 10 व उप जिला एवं ग्रामीण अस्पतालों में प्रत्येक स्थान पर 2 आरक्षित बेड रखे जाएंगे आंतरिक रोगी सेवाओं के साथ ही साप्ताहिक समर्पित बाह्य रोगी सेवा भी शुरू की जाएगी। इस सेवा में विशेषज्ञ डॉक्टर, मनोचिकित्सक व प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भी भागीदारी रहेगी।
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जिला पैलिएटिव केयर समिति के गठन को लेकर आयोजित नियोजन बैठक में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कमलाकर मुदखेड़कर, जिला स्वास्थय अधिकारी डॉ. अभय धानोरकर, जिला निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत बड़े, मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र डोंगरे, डॉ. जावेद कुरैशी चिकित्सक डॉ. सुदाम लगास, चिकित्सा महाविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ. प्रशांत गजभारे, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि शंतन राठौड़, एनसीडी जिला कार्यक्रम समन्वयका संग अन्य अधिकारी उपस्थित थे।