छत्रपति संभाजीनगर: करोड़ों खर्च करने के बाद भी खत्म नही हो पा रही प्रशासन से दलालवाड़ी में जलभराव की समस्या!
Dalalwadi Waterlogging Crisis: दलालवाड़ी में करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद पहली बारिश में जलभराव हो गया। नाला सफाई और कचरा प्रबंधन पर सवाल उठे, नागरिकों ने स्थायी समाधान की मांग की।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
दलालवाड़ी में जलभराव (सोर्स: AI)
Dalalwadi Waterlogging Crisis After Rain: शहर के प्रमुख व्यापार पेठ दलालवाड़ी क्षेत्र में औषधि भवन के सामने नाले के सुधार और जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पहली ही तेज बारिश में हालात फिर पुराने जैसे नजर आए। मुख्य मार्ग पर बड़े पैमाने पर पानी जमा हो गया, जिससे पूरा क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गया। जलभराव के कारण वाहन चालकों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और दुकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया।
स्थायी समाधान के दावे पहली बारिश में ही फेल
कुछ वर्ष पहले इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए महानगरपालिका ने नाले के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे। उस समय दावा किया गया था कि इन कार्यों के बाद दलालवाड़ी क्षेत्र में जलभराव की समस्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन इस वर्ष की पहली बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी है। सड़क पर पानी भर जाने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
नाला सफाई के दावों पर उठे सवाल
वर्षा ऋतु से पहले महानगरपालिका ने शहर के प्रमुख नालों और नालियों की सफाई अभियान चलाने का दावा किया था। दलालवाड़ी स्थित नाले की सफाई भी किए जाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद पानी का सुचारु रूप से निकास नहीं हो सका। इससे नागरिकों ने सफाई कार्य की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
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कचरा बन रहा जल निकासी में बाधा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाले की सफाई के बाद कुछ थोक दवा विक्रेता और व्यापारी गत्ते के डिब्बे, पैकिंग सामग्री और अन्य कचरा दोबारा नाले में फेंक रहे हैं। इससे नाले में अवरोध पैदा हो रहा है और पानी का प्रवाह धीमा पड़ने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।
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नागरिकों की तीन प्रमुख मांगें
क्षेत्रवासियों ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा से औषधि भवन के सामने स्थित नाले की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने, नाले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई करने तथा दलालवाड़ी की जलभराव समस्या के स्थायी तकनीकी समाधान के लिए व्यापक योजना लागू करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि पहली ही बारिश में सड़कें जलमग्न हो रही हैं, तो संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी की जांच की जानी चाहिए।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
