प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar School Exam Irregularities: छत्रपति संभाजीनगर जिला दक्षता समिति के निर्देश पर 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान सामने आए अनियमितता प्रकरण में शिक्षा विभाग ने कठोर कार्रवाई करते हुए 18 शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
दक्षता समिति के अध्यक्ष तथा जिलाधिकारी दिलीप स्वामी, जिला परिषद छत्रपति संभाजीनगर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित तथा विभागीय शिक्षा मंडल के अध्यक्ष अनिल साबले के आदेशानुसार यह कदम उठाया गया। मामला कन्नड तहसील के जैतापूर स्थित राष्ट्रीय चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित राष्ट्रीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र से संबंधित है।
शिक्षणाधिकारी माध्यमिक, जिला परिषद छत्रपति संभाजीनगर अश्विनी लाठकर के 10 फरवरी 2026 के आदेशानुसार प्रकरण की विस्तृत जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज और अधिकृत प्रतिवेदनों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी पर तैनात कुछ शिक्षक एवं कर्मचारी परीक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। जांच पूर्ण होने के बाद सेवा नियमों के तहत निम्नलिखित 18 व्यक्तियों को निलंबित किया गया है।
निर्मल भगवान नछु, सात दिवे सचिन रामदास, नरेश भागिनाथ सोनवणे, छाया नरसिंग मुंगे, बलीराम कचरू राठोड, आर. के. उरे, संतोष रावसाहेब लिहिणार, अनंता गाढेकर, करणसिंह हुमुकसिंह चंदवाडे, दीपक कैलास सोनवणे, बालकृष्ण श्रावण सालवे, संजय कारभारी कडवे, संतोष पंढरीनाथ भिंगारे संजय धर्मराज दाभाडे, पी.सी.आव्हाले, ऋषिकेश वसंतराव पाटील, राधा एकनाथ पेरे, एस. टी. पुगे (सेवक) निलंबन आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे, उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
साथ ही इस अवधि में किसी भी प्रकार की निजी नौकरी या अन्य सेवा स्वीकार करने पर प्रतिबंध रहेगा शिक्षणाधिकारी अश्विनी लाठकर ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
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विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी प्रकार के अनियमित आचरण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित निजी संस्था के कर्मचारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया नियमों के तहत सख्ती से लागू की जाएगी। सभी शिक्षक और कर्मचारियों से परीक्षा नियमों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की गई है।