पेट्रोल संकट का असर, छत्रपति संभाजीनगर में ऑटो चालकों का हड़ताल, सिटी बसों में यात्रियों की संख्या 50 हजार पार

Sambhajinagar Auto Strike: संभाजीनगर में पेट्रोल कमी और ऑटो चालकों की हड़ताल के कारण सिटी बस सेवा में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई। एक दिन में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने बसों का उपयोग किया।
Impact of Petrol Crisis: Auto-rickshaw Drivers Strike in Chhatrapati Sambhajinagar; Passenger Count in City Buses Crosses 50,000.
Sambhajinagar Petrol Shortage Impact ( Source: Social Media )
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Chhatrapati Sambhajinagar Petrol Shortage Impact: छत्रपति संभाजीनगर, ईरान-अमेरिका- इजरायल संघर्ष की पृष्ठभूमि में देशभर में पैदा हुई पेट्रोल की कमी का असर अब शहर में भी दिखाई देने लगा है।

पेट्रोल आपूर्ति बाधित होने के कारण कई पेट्रोल पंप बंद रखने की नौबत आ गई है। इसका सीधा असर ऑटो रिक्शा सेवाओं पर पड़ा है। शासन की नीतियों के विरोध में शहर के रिक्शा चालकों ने सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होने की आशंका पैदा हो गई, स्थिति को देखते हुए स्मार्ट सिटी प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए 10 अतिरिक्त सिटी बसें सेवा में उतार दीं।

सिटी बस के मुख्य नियंत्रक प्रबंधक संजय सुपेकर ने बताया कि शहर में स्वमान्य रूप से प्रतिदिन 75 बसें विभिन्न मार्गों पर चलती हैं। लेकिन यात्रियों की अचानक बड़ी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया गया।

इस निर्णय का असर तुरंत दिखाई दिया। सामान्य दिनों में लगभग 24 हजार यात्री सिटी बस सेवा का उपयोग करते हैं, लेकिन सोमवार को यह संख्या 50 हजार के पार पहुंच गई।

यात्रियों की बढ़ी संख्या के कारण बस सेवा के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लगभग 20 लाख रुपये से अधिक आय होने का अनुमान लगाया गया है।

बसों की कमाई में इजाफा

रिक्शा हड़ताल के कारण शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर अचानक दबाव बढ़ गया। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्मार्ट सिटी प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त बसे शुरू की।

इसके चलते बही संख्या में यात्री बस सेवा की ओर मुड़े और सिटी बसे मुख्य परिवहन विकल्प बन गई। प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से कर्मचारियों की तैनाती कर स्थिति को नियंत्रित रखा, वहीं यात्रियों की संख्या बढ़ने से बस सेवा के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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