संभाजीनगर में ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, प्रसूता की मौत से परिजनों में आक्रोश; डॉक्टर पर केस दर्ज

Sambhajinagar Hospital News: संभाजीनगर में सिजेरियन के 9 दिन बाद 23 वर्षीय महिला की मौत हुई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
Condition Deteriorates Post-Surgery in Sambhajinagar; Family Outraged Over Death of New Mother; Case Registered Against Doctor
सिजेरियन मौत मामला( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Cesarean Death Case: छत्रपति संभाजीनगर शहर के कमलनयन बजाज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 23 वर्षीय महिला की नौ दिन में मौत का गंभीर मामला सामने आया है।

ऑपरेशन के समय परिजनों को मां और नवजात दोनों के सुरक्षित होने का भरोसा दिया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में महिला की तबीयत बिगड़ती गई और 24 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई।

इस प्रकरण में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा आनंद देवधर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 (1) के तहत सातारा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता कार्तिक वाघचौरे ने बताया कि उनकी पत्नी ऋतुजा (23) पिछले चार वर्षों से संबंधित डॉक्टर के पास उपचार ले रही थीं। गर्भधारण के बाद नियमित जांच और सोनोग्राफी में मां और बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया, 15 दिसंबर 2025 को करीब चार से पांच घंटे चली सिजेरियन सर्जरी के बाद बेटे का जन्म हुआ और परिवार को मां की स्थिति भी सामान्य बताई गई।

परिजनों के अनुसार अगले ही दिन महिला के शरीर पर लाल चकत्ते, सूजन, बुखार और पेशाब कम होने जैसी समस्याएं शुरू हो गई। बार-बार जानकारी देने के बावजूद डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताते हुए नजरअंदाज किया और 18 दिसंबर को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी।

विशेषज्ञ समिति ने बताई इलाज में गंभीर त्रुटियां

घर जाने के बाद हालत लगातार बिगड़ती गई। 21 और 22 दिसंबर 2025 को बिना जांच किए वाट्सएप पर दवाएं बताई गई। 23 दिसंबर को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर 24 दिसंबर को उसे वंटिलेटर पर रखा गया।

डायलिसिस की जरूरत पड़ी, लेकिन उसी दिन दोपहर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, सरकारी मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ समिति ने जांच में कई गंभीर लापरवाहियां उजागर की।

रिपोर्ट में आवश्यक जांच न करना, संक्रमण और बुखार को नजरअंदाज करना, विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह न लेना और व्हाट्सएप के माध्यम से उपचार देने जैसी गंभीर गलतियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच सातारा थाने के पुलिस निरीक्षक कृष्णा शिंदे कर रहे हैं।

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