Unicharm कंपनी और 6 अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस, सुपर स्टॉकिस्ट ने लगायी 22 लाख की चपत

Chhatrapati Sambhaji Nagar में यूनिचार्म कंपनी समेत 6 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। कंपनी के लोकल सुपर स्टॉकिस्ट के 22,02,999 रुपये का चूना लगाने की बात सामने आयी है।
Chhatrapati Sambhaji Nagar में यूनिचार्म कंपनी समेत 6 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। कंपनी के लोकल सुपर स्टॉकिस्ट के 22,02,999 रुपये का चूना लगाने की बात सामने आयी है।
यूनिचार्म कंपनी (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar In Hindi: डायपर उत्पादित करने वाली कंपनी ने स्थानीय सुपर स्टॉकिस्ट को 22 लाख, 2,999 रुपए का चूना लगाने की घटना प्रकाश में आई है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी व बिक्री प्रबंधक ने साठगांठ व माल की फर्जी बिलिंग कर यह करतूत 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2024 के बीच की।

इस बारे में यूनिचार्म इंडिया प्रालि., गुरगांव (मुख्य कंपनी), प्रबंधकीय संचालक विजय चौधरी, शाखा प्रबंधक हनीफ अंसारी, क्षेत्रीय बिक्री प्रबंधक अमित विजयवर्गीय, सेल्स मैनेजर शिवसिंग बिलये, तौसीफ मिटकर के खिलाफ सिटी चौक पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है।

हसूल के फरहत नगर निवासी रफीकोद्दीन मोईनोदिन नाईकवाडे (53) ने फरियाद दर्ज कराई कि वे 2018 से यूनिचार्म कंपनी के सुपर स्टॉकिस्ट के रूप में भाई संग व्यवसाय संभाल रहे हैं। जनवरी व फरवरी 2024 में कंपनी के सेल्स ऑफिसर व प्रबंधक ने सब स्टॉकिस्ट के नाम से कुल 18 लाख, 93,541 रुपए का माल बिलिंग करवा लिया, परंतु यह माल प्रत्यक्ष सब-स्टॉकिस्ट के पास न भेजकर दूसरे को बेचकर पैसे अधिकारियों रफीकोद्दीन मोईनोदिन नाईकवाडे (53) ने फरियाद दर्ज कराई कि वे 2018 से यूनिचार्म कंपनी के सुपर स्टॉकिस्ट के रूप में भाई संग व्यवसाय संभाल रहे हैं।

जनवरी व फरवरी 2024 में कंपनी के सेल्स ऑफिसर व प्रबंधक ने सब स्टॉकिस्ट के नाम से कुल 18 लाख, 93,541 रुपए का माल बिलिंग करवा लिया, परंतु यह माल प्रत्यक्ष सब-स्टॉकिस्ट के पास न भेजकर दूसरे को बेचकर पैसे अधिकारियों ने आपस में बांट लिया।

दबाव बनाकर लिखवाया गया इस्तीफा

शिकायतकर्ता को 23 मार्च 2024 को पांच लाख रुपए का कोटक बैंक का चेक दिया गया था, मगर वह बाउंस हो गया, तत्पश्चात नाईकवाड़े ने कंपनी को बार- बार ई-मेल कर 15 मार्च 2024 से 8 जून 2024 तक शिकायतें कीं, परंतु कंपनी ने अनदेखी की. इतना ही नहीं, कंपनी के अधिकाकारियों ने नाईकवाड़े से कहा कि यदि वे इस्तीफा देंगे, तो पैसे वापस मिल जाएंगे, नाईकवाड़े पर दबाव बनाकर कंडिशनल इस्तीफा लिखवाया गया। उसके बाद भी उन्हें पैसे नहीं मिले।

बिक्री अधिकारी शिवसिंह बिलघे ने 4 मई, . 2024 को बाँड पर नोटरी कर स्वीकार के किया कि उन्हें पांच लाख रुपए मिले हैं। आला अधिकारी विजय चौधरी, अमित वा विजयवर्गीय, हनीफ अन्सारी, तोसिफ न्ट मिटकर ने बांटने का आरोप भी नाईकवाडे से ने फरियाद में लगाया है। इस बारे में पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-1 के पास शिकायत शेष 13 लाख, 93, 541 रुपए कंपनी के दर्ज कराई गई थी। तत्पश्चात सिटी चौक पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच का जिम्मा आर्थिक अपराध शाखा के पास वर्ग किया गया. जांच निरीक्षक संभाजी पवार कर रहे हैं।

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