

Bhutan Home Minister Ajanta Visit: भूटान के गृह मंत्री ल्योंपो शेरिंग ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफा परिसर का दौरा किया। शनिवार को विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर पहुंचे मंत्री ने यहाँ की प्राचीन भारतीय कला और स्थापत्य को करीब से देखा। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका (Visitor's Book) में अपने अनुभव को साझा करते हुए इसे 'अद्भुत' करार दिया। अधिकारियों के अनुसार, मंत्री ने गुफाओं के संरक्षण और वहां की सुंदरता की जमकर सराहना की।
मंत्री शेरिंग ने अपने दौरे के दौरान गुफा संख्या 1, 2, 5, 9, 10, 12, 17 और 26 का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके गाइड राहुल निकम के अनुसार, मंत्री ने गुफा संख्या 1 में स्थित 'पद्मपानी बोधिसत्व' के विश्वविख्यात भित्तिचित्रों (Frescoes) के सामने सबसे अधिक समय बिताया। बौद्ध संस्कृति से गहरे जुड़ाव के कारण वह इन प्राचीन चित्रों की बारीकियों और रंगों की जीवंतता को देख मंत्रमुग्ध नजर आए।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी मनोज पवार ने बताया कि मंत्री शेरिंग पूर्वाह्न 11 बजे परिसर पहुंचे थे। अपनी यात्रा के समापन पर उन्होंने एएसआई द्वारा प्रबंधित पुस्तिका में लिखा कि "यूनेस्को धरोहर स्थल का दौरा शानदार रहा।" उन्होंने विशेष रूप से अजंता गुफा के सहयोगी कर्मचारियों के मार्गदर्शन की सराहना की, जिन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान उन्हें कलाकृतियों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।
भूटान जैसे बौद्ध प्रधान देश के गृह मंत्री का अजंता दौरा केवल एक पर्यटन यात्रा नहीं, बल्कि भारत और भूटान के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। अजंता की गुफाएं न केवल कला का उत्कृष्ट नमूना हैं, बल्कि भगवान बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं का जीवंत दस्तावेज भी हैं। इस यात्रा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अजंता के पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भूटान के गृह मंत्री की इस यात्रा ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि अजंता की कलाकृतियां सीमाओं से परे पूरी दुनिया को आकर्षित करती हैं। क्या आप अजंता की विशिष्ट गुफाओं या वहां के पर्यटन विकास के बारे में और जानकारी चाहते हैं?