मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के बड़े फैसले: संतपीठ के कोर्स अब 1 साल के, प्रूफरीडिंग में डिप्लोमा और नए कोर्स मंजूर
Marathwada University News: मराठवाड़ा विश्वविद्यालय की विद्या परिषद बैठक में NEP के तहत संतपीठ पाठ्यक्रमों की अवधि 1 वर्ष करने, प्रूफरीडिंग डिप्लोमा और 19 कॉलेजों से जुड़े अहम निर्णय लिए गए।
- Written By: आकाश मसने
मराठवाड़ा विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
BAMU Academic Council Decisions: छत्रपति संभाजीनगर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की ऑनलाइन बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक निर्णय लिए गए। सबसे अहम निर्णय पैठण स्थित संतपीठ के सभी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की अवधि छह माह से बढ़ाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप एक वर्ष करने तथा तीन नए प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का रहा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के मराठी भाषा एवं साहित्य विभाग में मराठी भाषा मुद्रित शोधन (प्रूफरीडिंग) का नया डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने को भी मंजूरी प्रदान की गई।
कुलपति डॉ. विजय फुलारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्र-कुलपति डॉ. प्रवीण वक्ते, कुलसचिव डॉ. प्रशांत अमृत कर, सभी अधिष्ठाता तथा कुल 40 सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में मूल और पूरक कार्यसूची सहित कुल 29 विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
संतपीठ में अब 1 साल के होंगे कोर्स, जुड़ेंगे 3 नए विषय
संतपीठ में वर्तमान में श्री तुकाराम गाथा, श्री एकनाथी भागवत, वारकरी संप्रदाय एवं महानुभाव संप्रदाय परिचय तथा श्री ज्ञानेश्वरी ग्रंथ परिचय के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित हैं। अब आगामी शैक्षणिक वर्ष से संत नामदेव गाथा परिचय, संत तत्वज्ञान तथा सांप्रदायिक संगीत नामक तीन नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
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मराठी भाषा में प्रूफरीडिंग डिप्लोमा को हरी झंडी
मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, प्रकाशन गृहों और सरकारी दफ्तरों में शुद्ध भाषा और व्याकरण के बढ़ते महत्व को देखते हुए विश्वविद्यालय के मराठी भाषा एवं साहित्य विभाग में मराठी भाषा मुद्रितशोधन (Proofreading) का नया डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी गई है। कुलपति डॉ. विजय फुलारी ने इस निर्णय को समय की मांग बताते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
संशोधित पाठ्यक्रम, भर्ती और कॉलेजों पर सख्त रुख
विद्या परिषद ने एम.ए. राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी तथा एम.एससी. भौतिक विज्ञान के संशोधित पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दी। वहीं कुछ महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने और कुछ पुराने पाठ्यक्रम बंद करने के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
बैठक में विधि डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 40 प्रतिशत उत्तीर्णांक नियम को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से पूर्व प्रभाव से लागू करने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय में संविदा प्राध्यापकों की भर्ती को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कुलपति ने बताया कि अगस्त में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित कर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
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मराठवाड़ा विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने छत्रपति संभाजीनगर जिले के 19 महाविद्यालयों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए एक वर्ष की अस्थायी संबद्धता देने का भी निर्णय लिया। इन महाविद्यालयों को जनवरी 2027 तक सभी आवश्यक भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद विशेषज्ञ समिति पुनः निरीक्षण करेगी। यदि आवश्यक सुविधाएं पूरी नहीं पाई गईं तो संबंधित महाविद्यालयों की संबद्धता चरणबद्ध तरीके से कम करने अथवा निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
-नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
