औरंगाबाद-अहिल्यानगर NH-753 पर हाई कोर्ट की फटकार, कहा-हादसे हुए तो सरकार देगी मुआवजा

Bombay High Court: संभाजीनगर-अहिल्यानगर NH-753 की खराब हालत पर बॉम्बे HC की औरंगाबाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को फटकार लगाई। सड़क मरम्मत नहीं होने पर हादसों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी
High Court Reprimands Authorities Over Aurangabad-Ahilyanagar NH-753; States: "If Accidents Occur, the Government Will Provide Compensation"
Chhatrapati Sambhajinagar Road Maintenance Policy ( Source: Social Media )
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Chhatrapati Sambhajinagar Road Maintenance Policy: छत्रपति संभाजीनगर से अहिल्यानगर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 753 की बदहाली पर बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने राज्य सरकार व संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई है।

कहा कि यदि सड़क की तुरंत व स्तरीय मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाले हादसों के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराकर मुआवजा भी वसूला जा सकता है।

न्यायमूर्ति विभा कंकणचाड़ी व न्यायमूर्ति हितेन वेणेगावकर की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि नए सड़क निर्माण के साथ ही पुरानी सड़कों का रखरखाव भी सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रकरण में राज्य के मुख्य सचिव या लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्टीकरण मांगा कि राज्य में सड़क रखरखाव के लिए कोई स्थायी नीति है या नहीं?

टोल वसूली के बदले कंपनी करेगी काम

सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि अहिल्यानगर से वडाला तक 41.600 किमी लंबे हिस्से की मरम्मत के लिए 8 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं व 14 मार्च 2026 से काम शुरू हो चुका है।

वडाला से छत्रपति संभाजीनगर तक 62.600 किमी मार्ग की देखरेख 'केईटीआई संगम इन्फ्रास्ट्रक्चर लि कंपनी को सौंपी गई है, जो जनवरी 2037 तक टोल वसूली के बदले यह काम करेगी।

कोर्ट ने उक्त काम की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित कंपनी के काम की जांच के लिए स्वतंत्र समिति नियुक्त की जा सकती है।

प्रकरण में याचिकाकर्ता आनंद बांगर खुद पैरवी कर रहे है, केंद्र की ओर से एड। आरएस सर्वज्ञ, राज्य सरकार की और से एजीपी एसके तांबे व प्रतिवादी कंपनियों की ओर से एड। एएस बजाज व एसपी उरगुडे पक्ष रख रहे हैं।

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