दिल्ली फतह कर महाराष्ट्र लौटे अभिजीत दिपके, संभाजीनगर पहुंच शिवाजी महाराज और बाबासाहेब के चरणों में नवाया शीश
Abhijeet Dipke Grand Welcome: दिल्ली में 36 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद संभाजीनगर लौटे CJP के युवा नेता अभिजीत दिपके। शहर पहुंचते ही छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर शीश नवाया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संभाजीनगर लौटे अभिजीत दिपके (सोर्स: सोशल मीडिया)
Abhijeet Dipke Returns To Sambhajinagar: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर छात्रों के अधिकारों के लिए 36 दिनों तक चले कड़े संघर्ष के बाद, कॉक्रोच जनता पार्टी के युवा नेता अभिजीत दिपके बुधवार को अपने गृह नगर छत्रपती संभाजीनगर लौटे। दिल्ली की तपती धूप और प्रशासन की सख्ती के बीच एक सफल आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद जब अभिजीत अपने शहर पहुंचे, तो नजारा देखने लायक था।
अपनी मिट्टी पर कदम रखते ही अभिजीत दिपके ने सबसे पहले अपनी जड़ों और प्रेरणाश्रोतों को याद किया। उन्होंने शहर में आगमन के तुरंत बाद छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमाओं पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और अपना सिर नवाया। अभिजीत ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि अपने गृह नगर पहुंचने पर इन महापुरुषों को सम्मान देना उनके लिए गर्व और ऊर्जा का क्षण था।
एयरपोर्ट पर दिखा भावनाओं का सैलाब
चिकलठाणा हवाई अड्डे पर सुबह से ही सैकड़ों छात्रों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ था। जैसे ही अभिजीत बाहर आए, पूरा परिसर ढोल-ताशों की गूंज और अभिजीत दिपके आगे बढ़ो के नारों से गूंज उठा। समर्थकों ने उन्हें फूलों के हारों से लाद दिया। लेकिन सबसे भावुक पल तब आया जब 40 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अभिजीत ने अपने माता-पिता से मुलाकात की। अपने बेटे को दिल्ली के कठिन संघर्ष से विजयी और सुरक्षित लौटते देख माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने भावुक होकर अभिजीत को गले लगा लिया।
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Paid my respects to Chhatrapati Shivaji Maharaj and Babasaheb Ambedkar upon arriving in my hometown. pic.twitter.com/Nj49sGf3ef — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 29, 2026
विद्यार्थियों का खून बहाना दुर्भाग्यपूर्ण
हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अभिजीत के तेवर तीखे नजर आए। उन्होंने इस जीत को केवल अपनी नहीं, बल्कि देश भर के हजारों छात्रों की एकजुटता की जीत बताया। उन्होंने भारी मन से कहा, इस आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई में विद्यार्थियों का खून बहा, जो अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
अभिजीत ने भाजपा सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सत्ताधारियों को अब अपनी मानसिकता सुधार लेनी चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी ही इस देश का भविष्य हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में छात्रों के अधिकारों पर फिर से कोई आंच आई, तो वे फिर से सड़कों पर उतरकर तीव्र संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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CJP का बढ़ता प्रभाव और विवाद
अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चले इस Gen-Z आंदोलन ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश और पड़ोसी देश पाकिस्तान तक में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, इस आंदोलन को लेकर राजनीति भी गरमाई हुई है। हाल ही में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने इस आंदोलन से जुड़े वीडियो पर टिप्पणी की थी, जिसका CJP के प्रवक्ताओं ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।
अभिजीत दिपके का यह स्वागत केवल एक नेता की घर वापसी नहीं थी, बल्कि यह उस छात्र शक्ति का प्रदर्शन था जिसने दिल्ली की सत्ता को हिलाने का माद्दा दिखाया। अब देखना यह होगा कि दिल्ली से शुरू हुआ यह संघर्ष आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में क्या नया मोड़ लाता है।
