

Abhijit Dipke Demands PM Modi Address Gen z Issues: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का दिन नजदीक है, जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं। लेकिन इस बार, युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने अपने छत्रपजी संभाजीनगर स्थित घर से एक ऐसी मांग छेड़ दी है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर दी है।
अभिजीत का कहना है कि इस बार का भाषण केवल औपचारिकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा संबोधन देश के Gen Z और युवाओं को समर्पित होना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने अपील की है कि प्रधानमंत्री इस 15 अगस्त को लाल किले से स्पष्ट रूप से बताएं कि उनकी सरकार जेंजी और युवाओं के लिए वास्तव में क्या कर रही है। उन्होंने मांग की है कि पीएम मोदी इस बात का रोडमैप पेश करें कि वे युवाओं को एक बेहतर भविष्य कैसे मिलेगा। अभिजीत ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया है कि वे अगले एक हफ्ते तक प्रधानमंत्री से लगातार यह आग्रह करें कि इस बार का भाषण विशेष रूप से युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मांग केवल एक भाषण तक सीमित नहीं है। अभिजीत दीपके ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए कि पिछले 10-12 वर्षों में उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं? इसके साथ ही, देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी पर भी सीधी चर्चा की मांग की गई है।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को विस्तार से बताना चाहिए कि सरकार बेरोजगारी कम करने के लिए क्या काम कर रही है और भविष्य की योजना क्या है? उनके अनुसार, एजुकेशन और बेरोजगारी पर यह भाषण पूरी तरह डेडिकेटेड होना चाहिए।
अभिजीत का मानना है कि लोकतंत्र में सरकार के भीतर जनता का डर होना जरूरी है। उन्होंने क्या बोलती पब्लिक जैसे कैंपेन का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अब सरकार को मजबूर कर दिया है कि वे शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर बात करें।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को भी उठाया है। अभिजीत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन यह कहता है कि उसे लाठीचार्ज की जानकारी नहीं है, तो वे उन वीडियो और विजुअल्स को भेजने के लिए तैयार हैं जो पब्लिक डोमेन में वायरल हैं।
अभिजीत दीपके ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और उनके वैचारिक संरक्षक RSS के बीच के विरोधाभास पर भी कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के मेंटर मोहन भागवत जी कहते हैं कि लोगों को एंटी-नेशनल मत कहिए, लेकिन बीजेपी के अपने नेता युवाओं को वायरस और कॉकरोच कहकर संबोधित करते हैं।
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने युवाओं को आतंकवादियों की बी टीम तक कह दिया था। अभिजीत की मांग है कि बीजेपी को अपने मेंटर की बात सुननी चाहिए और युवाओं के प्रति इस तरह की नकारात्मक भाषा बंद करनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि क्या इस 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी युवाओं की इन मांगों का जवाब देते हैं या नहीं। लेकिन अभिजीत दीपके की इस मांग ने युवाओं के बीच एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।