Jalna News: जायकवाड़ी से 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, 10 हज़ार लोग सुरक्षित स्थानों पर

Chhatrapati Sambhaji Nagar के पास स्थित जायकवाड़ी बांध से 3,02,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके कारण गोदावरी नदी के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
जायकवाड़ी डैम
जायकवाड़ी डैम (सौ. सोशल मीडिया )
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Jalna News In Hindi: जायकवाड़ी बांध से रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे 3 लाख 2 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस भारी जल विसर्ग के कारण गोदावरी नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

हालात को देखते हुए प्रशासन ने अंबड, घनसावंगी और परतुर तहसीलों के लगभग 10 हजार निवासियों को सुरक्षित स्थलों पर स्थानांतरित किया है। प्रशासन के अनुसार, अंबड़ और घनसावंगी तहसीलों के 38 में से 32 गांवों में लोगों का विस्थापन किया गया है।

परतुर तहसील के 4 गांवों से भी नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर भेजा गया है। इसके अलावा, खडकपूर्णा बांध से 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण मंठा तहसील के 7 गांवों से भी ग्रामीणों को हटाया गया है।

बाढ़ से पीड़ित गांव

अंबड़ तहसील वालकेश्वर, गंगा चिंचोली, कोठाला, बोरी, गांधारी, शहागड, डोमलगांव घनसावंगी तहसीलः जोगलादेवी, रामसवाड़ी, शेवता, वानेगांव, मंगरूल, पांढरे बस्ति, कालुका माताचाड़ी, गुंज बुजुर्ग, अंतरवाली टेंभी, शिवनगांव। परतुर तहसील गोलेगांव, सावंगी गंगा किनारा, चांगतपुरी, सारगांव बुजुर्ग

जालना शहर के 560 अस्थायी शिविरों में

इसी बीच, मोती तालाब के ओवरफ्लो होने से जालना शहर के 560 परिवारी की भी अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। नगर निगम प्रशासन ने उनके लिए रहने और भोजन की व्यवस्था की है प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सहर्क रहें और आपात स्थिति में तुरत नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य जारी

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया है। वडीगोद्री में एनडीआरएफ की विशेष टीम तैनात की गई है। विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अंबड डिपो से एसटी महामंडल की 15 बसे स्थानांतरण कार्य के लिए लगाई गई है। निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सहायता के लिए वे 02482-223132 इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें, तेज जल प्रवाह और बाढ़ के खतरे के कारण प्रशासन ने कई मार्गों को बंद कर दिया है। इनमें आष्टी-सृष्टी मार्ग, गोदी-पाथरवाला मार्ग और तीर्थपुरी-मंगरूल मार्ग शामिल है।

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