Washim News: मार्च एंडिंग के कारण पिछले 15 दिनों से बंद रही वाशिम बाजार समिति अब पुनः शुरू हो गई है और कृषि माल की खरीदी पूर्ववत चालू हो गई है।शनिवार, 4 अप्रैल को बाजार समिति में चिया फसल की 650 क्विंटल आवक हुई। हालांकि लंबे अंतराल के बाद खरीदी शुरू होने के बावजूद दरों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। चिया उत्पादक किसानों को इस फसल का भाव न्यूनतम 13,250 रुपये से अधिकतम 15,500 रुपये प्रति क्विंटल मिला, जिससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।
जिले की बाजार समितियों में कृषि माल के भाव लगातार गिर रहे हैं। विशेष रूप से हल्दी और चिया के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी माह में चिया के भाव 14,700 से 16,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे, लेकिन मार्च में दरों में गिरावट शुरू हो गई।
दरों में गिरावट से किसानों में चिंता। किसानों का कहना है कि फरवरी में भाव बढ़ने से उन्हें उम्मीद थी कि मार्च-अप्रैल में दरें और बढ़ेंगी। लेकिन अब दरों में गिरावट से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है। पहले से ही खरीफ और रबी सीजन में उत्पादन घटने से किसान संकट में हैं।
अब चिया और हल्दी जैसी नगदी फसलों के भाव गिरने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना। शनिवार को हुई 650 क्विंटल चिया की आवक से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में वाशिम बाजार समिति में चिया की आवक और बढ़ेगी।
किसानों के पास अभी भी बड़ी मात्रा में चिया शेष है और अन्य जिलों से भी यहां आवक होती है। किसानों को उम्मीद है कि बढ़ती आवक के साथ दरों में सुधार होगा। फिलहाल, दरों में स्थिरता न आने से किसान वर्ग में असंतोष है और वे सरकार से उचित भाव दिलाने की मांग कर रहे हैं।