देवेंद्र फडणवीस के बयान पर अनिल देशमुख का पलटवार (सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई: एनसीपी (शरदचंन्द्र पवार) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने डिप्टी सीएम देवेन्द्र फडणनवीस पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने फडणवीस के बयान पर रिएक्शन देते हुए कहा कि वह खुद के बेनकाब होने के 15 दिन बाद तक चुप क्यों रहे। इतना ही नहीं देशमुख ने फडणवीस पर आरोप भी लगाए हैं।
देशमुख के यह आरोप लगाने के बाद से दोनों नेताओं के बीच वाकयुद्ध जारी है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) विपक्षी दलों के गठबंधन एमवीए का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) भी शामिल है। देशमुख ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि 15 दिन पहले उन्होंने फडणवीस को बेनकाब करते हुए बताया था कि कैसे उन्होंने तीन साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और तत्कालीन मंत्री आदित्य ठाकरे को जेल भेजने की साजिश रची थी।
वा… देवेंद्र फडणवीस जी! मी 15 दिवसापुर्वी, तुम्ही 3 वर्षापुर्वी कसे श्री.उध्दव ठाकरे, आदित्य ठाकरे यांना तुरुगांत टाकण्यासाठी कटकारस्थान रचले होते, ते मी महाराष्ट्राच्या जनतेसमोर आणले. आता तुम्ही माझ्यावर आरोप करण्यासाठी सचिन वाझे जो देशद्रोहाच्या व 2 खुनाच्या गुन्ह्यांमध्ये… — ANIL DESHMUKH (@AnilDeshmukhNCP) August 11, 2024
देशमुख ने कहा कि फडणवीस उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो वाहन में विस्फोटक सामग्री रखने और स्कॉर्पियो के मालिक की हत्या की साजिश रचने वाले बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के जरिए उन्हें निशाना बना रहे थे। राकांपा (एसपी) के नेता ने दावा किया कि वाजे और सिंह फडणवीस की बातों पर अमल कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि तीन साल पहले सिंह को केंद्रीय एजेंसियां गिरफ्तार करने वाली थी, लेकिन उन्होंने भाजपा की शरण ले ली और अब उनके (फडणवीस) निर्देशानुसार आरोप लगा रहे हैं। आप 15 दिनों तक चुप क्यों रहे? क्या आपको अचानक यह याद आया है कि अब मुझपर आरोप लगाएं।” देशमुख के हमले का जवाब देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंदन गोस्वामी ने कहा कि फडणवीस तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हैं और उनके सभी बयान पुख्ता होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि एमवीए लगातार झूठे बयान दे रहा है और उनकी बातों में कोई सच्चाई नहीं है। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने मुंबई में बार और रेस्तरां से हर महीने 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का लक्ष्य दिया था। आरोप के बाद देशमुख ने इस्तीफा दे दिया था। दरअसल, फडणवीस ने शनिवार को आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती एमवीए सरकार के दौरान कुछ अधिकारियों को उन्हें और भाजपा के दूसरे नेताओं को झूठे मामलों में जेल भेजने का ‘‘ठेका” दिया गया था।
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उन्होंने कहा था कि यह योजना विफल हो गई क्योंकि कई अच्छे अधिकारियों ने झूठे मामले दर्ज करने से इनकार कर दिया। फडणवीस मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के एक आरोप के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे कि देशमुख ने उन पर भाजपा के कुछ नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए दबाव डाला था। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि फडणवीस तथ्यों के आधार पर अपनी बात कहते हैं और उनके बयानों के पुख्ता आधार होते हैं।
-एजेंसी इनपुट के साथ