Warud Hailstorm News: वरुड तहसील के घोराड, पुसला सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेमौसम चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले मौसम ने किसानों की तैयार फसलों को चौपट कर दिया, जिससे क्षेत्र के बागायतदार गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं।
घोराड गांव, जो मोसंबी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, वहां देर रात तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने बगीचों को भारी नुकसान पहुंचाया। पेड़ों पर लदे मोसंबी फल बड़ी संख्या में नीचे गिर गए, जबकि जो फल पेड़ों पर बचे हैं, वे भी ओलों की मार से दागदार हो गए हैं। इससे उनके सड़ने और गिरने का खतरा बढ़ गया है। वरुड (Warud) किसानों का कहना है कि सालभर की मेहनत और लाखों रुपये का निवेश एक ही रात में बर्बाद हो गया।
पुसला गांव में भी हालात गंभीर रहे। तेज हवाओं के चलते कई घरों के छप्पर उड़ गए और दीवारों को नुकसान पहुंचा। वन विभाग के शासकीय आवास परिसर में लगा एक विशाल गुलमोहर का पेड़ मोटरसाइकिल पर गिर गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घरेलू सामान का भी नुकसान हुआ।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार देऊतवाडा, ढगा, एकदरा, आमनेर, जलालखेड़ा, उदापुर, मेंढी, खानापुर, चिंचरगव्हाण, मोरचुंद, पवनी, राजुरा, हातूर्णा, वाडेगांव, गाडेगांव और वघाड़ सहित कई गांवों में भी तेज हवाओं के साथ हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पंचनामा करे और मोसंबी व संतरा उत्पादक किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।