जल्द छलकेगा अप्पर वर्धा बांध, क्षमता का 80 फीसदी भरा, गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी

Upper Wardha Dam water 80%: अमरावीत जिले में अप्पर वर्धा बांध में पानी का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अब जल्द ही इसका पानी बाहर छलकने की संभावना है, जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है।
Upper Wardha Dam water 80%: अमरावीत जिले में अप्पर वर्धा बांध में पानी का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अब जल्द ही इसका पानी बाहर छलकने की संभावना है, जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है।
अप्पर वर्धा बांध (फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Upper Wardha Dam: अमरावती जिले में बीते 8 दिनों से जारी बारिश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का असर अब बांध के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले का सबसे बड़ा अप्परवर्धा बांध क्षमता का 80 फीसदी भर गया है। जिले में लगातार बारिश की वजह से जल्द ही अप्पर वर्धा बांध के छलकने तथा उसके द्वारा खोलने की जानकारी सूत्रों ने दी। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत वर्धा नदी पर बने इस बांध के किनारे रहने वाले गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर दी गई है।

जिले का सबसे बड़ा अप्पर वर्धा बांध की कुल क्षमता 564.05 दलघमी है। वर्तमान में बांध में 455.88 फीसदी पानी का संग्रह हो गया है जो क्षमता का 80.82 फीसदी है। पिछले सप्ताह इस बांध में 344.65 दलघमी पानी था। एक सप्ताह में 111.23 दलघमी पानी भर गया। बांध के परिसर में जिस रफ्तार से बारिश हो रही है उसे देखते हुए जल्द ही बांध के कुछ दरवाजों को खोलने जाने का अंदेश संबंधित विभाग के सूत्रों ने दिया है। अप्पर वर्धा बांध क्षेत्र में 1 जून से अब तक 592 मिमी बारिश हुई है।

7 प्रकल्पों के जलस्तर की स्थिति खराब

अमरावती जिले के 7 मध्यम प्रकल्पों के जलस्तर की स्थिति ठीक नहीं है। जिले के सभी 7 प्रमुख मध्यम प्रकल्पों में कुल क्षमता का मात्र 55.9 फीसदी जल का संग्रह हो पाया है जो चिंतनीय है। सभी बांधों की कुल क्षमता 256.24 दलघमी की है। वर्तमान में इस बांधों में 143.46 दलघमी जल का ही संग्रह हो पाया है जो क्षमता का मात्र 55.9 फीसदी है। लेकिन विगत सप्ताह की तुलना में बांधों के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 21 अगस्त को इन 7 मध्यम प्रकल्पों में 256.24 दलघमी पानी का संग्रह था। विगत सप्ताह इन 7 मध्यम प्रकल्पों में मात्र 127.63 दलघमी पानी था। एक सप्ताह के भीतर इन 7 मध्यम प्रकल्पों में 128.61 दलघमी पानी जमा हो गया, जो कुछ हद तक सुखद तो है लेकिन भविष्य के लिहाज से चिंतनीय भी है। जिले के 48 लघु प्रकल्पों कों स्थिति कुछ हद तक ठीक है। जिले के 48 लघु प्रकल्पों में क्षमता का 72.19 फीसदी पानी का संग्रह हो पाया है। जिले के कुल 48 लघु प्रकल्पों की क्षमता 227.01 दलघमी की है।

पानी का संग्रह इस प्रकार

वर्तमान में इन प्रकल्पों में 163.88 दलघमी जल का संग्रह बताया गया है जो क्षमता का 72.19 फीसदी है। विगत सप्ताह इन लघु प्रकल्पों में मात्र 129.19 दलघमी पानी का ही संग्रह हो पाया था। एक सप्ताह में इन प्रकल्पों में 106.82 दलघमी पानी का स्तर बढ़ा है। जो कुछ हद तक सुखद भी है। जिले के कुल 56 प्रकल्पों में क्षमता का 72.88 फीसदी पानी है। इसमें 1 सबसे बड़ा अप्पर वर्धा 7 मध्यम तथा 48 लघु प्रकल्पों का समावेश है।

इन 56 प्रकल्पों की कुल औसत क्षमता 1047.30 दलघमी की है। इनमें वर्तमान में 763.22 दलघमी पानी है जो क्षमता का 72.88 फीसदी है। विगत सप्ताह इन 56 प्रकल्पों में क्षमता का कुल 592.47 दलघमी पानी था जो क्षमता का लगभग आधा था। एक सप्ताह में इन प्रकल्पों में 454.83 दलघमी पानी की बढ़ौतरी दर्ज की गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com