Amravati News: मॉसिकॉल की 25 एकड़ जमीन की निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। यह निर्णय अमरावती में राज्य मंत्री जयकुमार रावल द्वारा लिया गया है। जनवरी 2026 में शुरू की गई इस निविदा प्रक्रिया को रद्द करने का कारण स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखना बताया गया है।
कांग्रेस विधायक संजय खोडके ने राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था और सरकार से इस जमीन को शासकीय उद्देश्य के लिए आरक्षित करने की मांग की थी। मंत्री रावल ने पुष्टि की कि 1993 में मॉसिकॉल की सारी संपत्ति कॉटन फेडरेशन को हस्तांतरित की गई थी, और इसके बाद से कई बार इस जमीन की बिक्री के लिए निविदाएं जारी की गई थीं।
अब, राज्य सरकार ने पुनः विचार करते हुए इस प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह जमीन अमरावती शहर के केंद्र में स्थित है और भविष्य में इसे शासकीय सुविधाओं और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
मंत्री रावल ने कहा कि मॉसिकॉल संस्थान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिसके कारण इसकी संपत्तियां 1993 में महाराष्ट्र राज्य सहकारी कापूस उत्पादक पणन महासंघ को हस्तांतरित की गई थीं। अब, इस भूमि का उपयोग शासकीय कार्यों के लिए किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसे निजी हाथों में न सौंपा जाए।