

अमरावती जिले के आठ ST डिपो की बसों में UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
जनवरी से सितंबर तक 9,40,853 यात्रियों ने डिजिटल माध्यम से टिकट का भुगतान किया।
इस अवधि में कुल 11,98,89,075 रुपये का UPI लेनदेन हुआ।
कुल टिकट बिक्री के लगभग 15 से 20 प्रतिशत भुगतान UPI से हो रहे हैं।
Amravati ST Bus Digital Ticket: अमरावती जिले के एसटी बस में सफर करते समय टिकट के लिए छुट्टे पैसे ढूंढने का झंझट अब खत्म हो रहा है। नकद भुगतान के बजाय क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से टिकट का किराया देने को यात्री तेजी से अपना रहे हैं।
महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम ने जिले के आठ डिपो की बसों में यह सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसका उपयोग दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
जनवरी से सितंबर तक के 9 महीनों की अवधि में कुल 9 लाख 40 हजार 853 यात्रियों ने यूपीआई से टिकट का भुगतान किया। इसके जरिए कुल 11 करोड़ 98 लाख 89 हजार 75 रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि एसटी के टिकट वितरण में डिजिटल पेमेंट का असर तेजी से बढ़ रहा है।
अमरावती जिले के बस डिपो अमरावती, बडनेरा, परतवाड़ा, वरुड़, चांदूर रेलवे, दर्यापुर, मोर्शी और चांदूर बाजार- इन 8 डिपो की बसों में यूपीआई भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए निगम ने परिचालकों (कंडक्टरों) को एंड्रॉइड टिकट मशीनें दी हैं।
मशीन पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री सीधे डिजिटल तरीके से टिकट का भुगतान कर सकते हैं। वर्तमान में कुल टिकट बिक्री का लगभग 15 से 20 प्रतिशत लेनदेन यूपीआई के जरिए हो रहा है।
डिजिटल पेमेंट से यात्रियों के साथ-साथ कंडक्टरों को भी बड़ी राहत मिली है। दिनभर का कैश संभालना, छुट्टे पैसों का इंतजाम करना और दिन के अंत में हिसाब मिलाना जैसी समस्याएं कम हो गई हैं। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होने से आर्थिक लेनदेन में पारदर्शिता भी बढ़ी है।
कंडक्टर की एंड्रॉइड मशीन पर बना क्यूआर कोड मोबाइल से स्कैन कर यात्री कुछ ही सेकंड में भुगतान कर सकते हैं। इससे जेब में नकद या छुट्टे पैसे न होने पर भी यात्रा के दौरान कोई परेशानी नहीं होती। कामकाजी लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों के लिए यह सुविधा बेहद मददगार साबित हो रही है।