

Amravati Teachers Pending Demands: राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले समाजकार्य कॉलेजों के शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों की जायज मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ सोशल वर्क एजुकेटर्स (मास्वे MASWE) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
संगठन की ओर से सोमवार 5 अक्टूबर से नागपुर सह-निदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आत्मक्लेश आंदोलन शुरू किया जाएगा। ‘मास्वे’ के अनुसार 3 सितंबर 2024 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई स्थित सह्याद्रि अतिथि गृह में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।
इस बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल तथा वित्त, उच्च शिक्षा व सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। तब देवेंद्र फडणवीस ने समाजकार्य कॉलेजों की समस्याओं का एक महीने के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए थे। इस बैठक को 2 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की टालमटोल नीति के कारण समाजकार्य कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के महत्वपूर्ण मुद्दे आज भी जस के तस बने हुए हैं।
शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का 'आकृतिबंध' बरकरार रखकर रिक्त पदों को तुरंत भरने, सभी कर्मचारियों का वेतन एचटीई सेवा प्रणाली द्वारा ऑनलाइन करने, डीसीपीएस, एनपीएस खातों में सरकारी अंशदान की राशि जमा करने, प्राचार्यों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन-ग्रेच्युटी प्रस्तावों को मंजूरी देने, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार अधिक भुगतान वसूली मामले का पालन हो तथा बकाया भवन किराया व गैर-वेतन अनुदान जारी करने की मांग लंबित है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों की अनदेखी करने से नाराज ‘मास्वे’ ने 19 सितंबर को पत्र भेजकर 5 अक्टूबर से नागपुर में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। ‘मास्वे’ के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. अंबादास मोहिते और महासचिव डॉ. संजय फुलकर ने बताया कि इस आत्मक्लेश आंदोलन में राज्यभर के समाजकार्य कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व व वर्तमान छात्र तथा विभिन्न सामाजिक संगठन बड़े पैमाने पर भाग लेंगे।