Amravati News: गैस की कमी का असर अब गरीबों की थाली पर भी दिखने लगा है. जिले में चल रही शिवभोजन थाली योजना गंभीर संकट में है.गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण कई केंद्रों पर अब चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई है, जबकि कई केंद्र बंद हो चुके हैं.
जानकारी के अनुसार, जिले में पहले 39 शिवभोजन केंद्र संचालित थे, जिनमें से 15 केंद्र पिछले चार महीनों में बंद हो चुके हैं और फिलहाल केवल 24 केंद्र ही चालू हैं.गैस सिलेंडर की कमी और चार महीने से लंबित सरकारी अनुदान के कारण केंद्र संचालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं.
हर दिन करीब 1,200 जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ लेते हैं, लेकिन केंद्रों की संख्या घटने से कई गरीब मजदूरों को भोजन से वंचित रहना पड़ रहा है.गैस वितरण पर सख्ती प्रशासन ने गैस वितरण पर कड़ी निगरानी शुरू की गई है.
घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग या अधिक कीमत पर बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ मामला दर्ज कर लाइसेंस रद्द किया जाएगा, ऐसी जानकारी प्रशासन की ओर से दी जा रही है. इसके लिए 15 फ्लाइंग स्क्वॉड भी गठित किए गए हैं.
गैस संकट और आर्थिक दिक्कतों के चलते शिवभोजन योजना पर दोहरी मार पड़ी है, जिससे गरीबों के भोजन पर असर पड़ रहा है.जल्द राहत मिलगी अनुदान जारी करने के लिए शासन से मांग की गई है और जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है.
प्रज्वल पाथरे,सहायक आपूर्ति अधिकारी जारी रहेगी सेवा गैस की कमी के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था कर सेवा जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है.दिनेश बूब, संचालक, शिवभोजन थाली शिवभोजन योजना की स्थिति 39 केंद्र 15 केंद्र बंद 24 केंद्र चालू 1,200 लाभार्थी प्रतिदिन 10 रु. प्रति थाली कीमत 40 रु. प्रति थाली अनुदान 4 महीने से लंबित गैस की दैनिक मांग IOCL 26 सिलेंडर HPCL 60 सिलेंडर BPCL 213 सिलेंडर कुल 233 सिलेंडर