Riddhapur Marathi Language University News: रिद्धपुर ऐतिहासिक एवं तीर्थ क्षेत्र रिद्धपुर के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों और प्रलंबित परियोजनाओं की समीक्षा की तथा स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दौरे की शुरुआत ऐतिहासिक गोपीराज पुस्तकालय से हुई, जहां उन्होंने गोविंदप्रभु कालीन हस्तलिखित ग्रंथों का अवलोकन किया। इसके बाद राजमठ में चक्रधर स्वामी के दर्शन किए। इस दौरान अखिल भारतीय महानुभाव परिषद के अध्यक्ष महंत करंजेकर बाबा ने अब तक हुए विकास कार्यों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने मराठी भाषा विश्वविद्यालय के उपकुलपति अविनाश आवलगांवकर से मुलाकात कर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। वर्तमान में विश्वविद्यालय अस्थायी रूप से थीम पार्क भवन में संचालित हो रहा है, जबकि छात्र-कार्मिकों के लिए यात्री निवास का उपयोग हॉस्टल के रूप में किया जा रहा है।
स्थायी परिसर के लिए पीवल तळोली क्षेत्र में 54 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए 7 करोड़ 30 लाख रुपये की निधि उपलब्ध हो चुकी है और जल्द ही किसानों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
रिद्धपुर के समग्र विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस निधि से
जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके लिए जल संरक्षण विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने वाज्रेश्वरी परिसर का भी दौरा किया, जहां लीलाचरित्र की रचना मानी जाती है। यहां स्मारक निर्माण के लिए निधि उपलब्ध हो चुकी है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
श्री प्रभु प्रबोधन संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र वाईनदेशकर ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूर्ण है और 7.30 करोड़ की निधि उपलब्ध है। साथ ही 25 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत होने पर रिद्धपुर का व्यापक कायाकल्प होगा।
इस अवसर पर मोर्शी व चांदूर बाजार के तहसीलदार, जल संरक्षण विभाग के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।