Cji भूषण गवई पर हुए हमले के निषेध पर शहर में आंदोलन, विभिन्न संगठनों ने जताई नाराजगी

Chief Justice Bhushan Gavai:अमरावती बार असोसिएशन व्दारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर Cji भूषण गवई पर हुए हमले का कडा निषेध किया गया।
Cji भूषण गवई पर हुए हमले के निषेध पर शहर में आंदोलन
Cji भूषण गवई पर हुए हमले के निषेध पर शहर में आंदोलन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Amravati News: दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सुप्रिम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई पर यहां के वकिल राकेश किशोर व्दारा जूता फेंक कर हमला करने का प्रयास किया गया था। जिसके चलते देश सहित राज्य व शहर में इस हमले की कडी निंदा की जा रही है। मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में अनेक संगठनों व्दारा धरना आंदोलन व ज्ञापन सौंप कर आरोपी पर कडी कार्रवाई करने तथा हमले के पीछे की मानसिकता की जांच करने की मांग की जा रही है

अमरावती बार असो। व्दारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर इस हमले का कडा निषेध किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश में एक वकील व्दारा उच्चन्यायाधीश पर न्यायालय में कामकाज के दौरान ऐसी घटना को अंजाम देना यह न्यायपालिका के इतिहास को कलंक लगाने जैसा है। न्यायापालिका में हमले के प्रयास के बाद धार्मिक नारे लगाना। यह भी सोच से परे है।

जिला बार असोसिएशन ने जताया निषेध, काले फिते लगा किया विरोध

इस घटना को अंजाम देने वाले वकील राकेश किशोर पर कडी कार्रवाई की मांग बार असो। व्दारा ज्ञापन में की गई। ज्ञापन सौंपते समय अध्यक्ष एड। सुनिल देशमुक, सचिव एड। अमोल मुरल,उपाध्यक्ष एड।आशिष लांडे, लाईब्रेरी सेक्रेटरी एड. विद्या मानके(काले), एड। उमेश इंगले, एड. शोएब खान, एड. रुपेश उपाध्ये,एड। सुमित शर्मा,एड।आकाश बोले, एड. नेतल माल्ला,आशिष परिहार,एड।विशाखा तगडे (पाटील),एड.पूनम रिठे सहित संगठन के पूर्व पदाधिकारी व अन्य वकील उपस्थित थे। इस हमले के निषेध में वकीलों ने काले फिते लगाकर अपना विरोध जताया

आंबेडकर पुतला पर शांतिपूर्ण मौन विरोध सभा का आयोजन

देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में हमले की निंदनीय कोशिश किए जाने पर यह घटना देश की न्याय व्यवस्था, संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय पर एक सीधा हमला मानी जा रही है। इस घटना के विरोध में मंगलवार, 7 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक, अमरावती में एक मौन विरोध सभा) आयोजित की गई। सभा का उद्देश्य न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा करना और संविधान विरोधी तत्वों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना था। डॉ. पंजाबराव देशमुख फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस मौन सभा में शाहू, फुले, आंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जागरूक जनता से बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर एकता का परिचय दिया।

हमले का युवक कांग्रेस ने कहा यह संविधान पर हमला है

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अमरावती के गौरव भूषण गवई पर कायराना हमले के खिलाफ अमरावती विधानसभा युवक कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया मंगलवार डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर (इर्विन) चौक में युवक कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, संविधान के सम्मान में, युवक कांग्रेस मैदान में, अमरावती के भूषण, देश के भूषण जोरदार नारेबाज़ी लगाए।

कार्यकर्ताओं ने कहा भूषण गवई न केवल अमरावती के सुपुत्र हैं, बल्कि भारत की न्यायपालिका की शान हैं। उन पर हुआ हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि यह भारत के संविधान और न्याय मूल्यों पर सीधा हमला है। इस विरोध आंदोलन में वैभव देशमुख, समीर,सागर कलाने, अनिकेत ढेंगले, नितीन काले, अक्षय साबले, संकेत साहू, शुभम बांबल, सौरभ तायडे, गोविंद ठाकरे, प्रफुल्ल तंतरपाले,एड। कार्तिक देशमुख, निशांत देशमुख, सुरज खैरे, चैतन्य सरोदे सहित बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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