Amravati Police: अमरावती शहर के फ्रेजरपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत संजय गांधी नगर में मामूली विवाद के चलते घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को महज 24 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को धर दबोचा. फोटो फ्रेजरपुरा पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता उमा संघपाल बोरकर अपने पति, ससुर हिरामण बोरकर और देवर धम्मपाल बोरकर के साथ संजय गांधी नगर नं. 2 में रहती हैं.
उनके पड़ोस में आनंद आडोले का परिवार रहता है. 31 मार्च की शाम उमा के ससुर हिरामण बोरकर अपना कटला लेकर घर आए और उसे सामने खड़ा कर दिया. तभी पड़ोस में रहने वाले आनंद आडोले के घर सामान लेकर एक ऑटो आया. रास्ता रोकने के विवाद को लेकर पहले तो ससुर हिरामण जी ने मदद की और रास्ता साफ करवाया, लेकिन रात 9 बजे विवाद गहरा गया.
आरोपी आनंद आडोले, उसकी पत्नी, बेटा सुमित उर्फ चुआ और उनके कुछ दोस्त उमा बोरकर के घर में जबरन घुस गए. उन्होंने कटला खड़ा करने की बात पर गालीगलौज शुरू कर दी. जब ससुर हिरामण और देवर धम्मपाल समझाने के लिए आगे आए, तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया.
आरोपी सुमित उर्फ चुआ ने अपने पास रखे चाकू से हमला किया, वहीं आनंद आडोले ने उमा के देवर के पेट और पीठ पर चाकू से वार कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया. अन्य आरोपियों ने ससुर और देवर के साथ लातघूसों से मारपीट की. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.
सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से गिरफ्तारी उमा बोरकर की शिकायत पर फ्रेजरपुरा पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में डीबी पथक ने घटनास्थल का मुआयना किया और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले.
गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी यश उर्फ चारू चरणदास मेश्राम 21, सुमित उर्फ चुआ आनंद आडोले 22, आनंद नारायणराव आडोले 44, अखिल संतोष इंगले 19 को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है. उक्त कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, उपायुक्त गणेश शिंदे और सहायक आयुक्त कैलास पुंडकर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रोशन शिरसाट, निरीक्षक नीलेश गावंडे और डीबी पथक प्रमुख राहुल महाजन, योगेश श्रीवास, सुभाष पाटील, शशिकांत गवई, हरीश चौधरी और अन्य कर्मियों ने की.