Amravati Municipal Corporation: अमरावती मानसून से पहले शहर में जलभराव और बीमारियों के खतरे को देखते हुए पूर्व नगरसेवक एवं पूर्व स्थायी समिति सभापति मिलिंद बांबल ने मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक से मुलाकात कर सभी नालों की सफाई युद्धस्तर पर कराने की मांग की है।
बांबल ने कहा कि मनपा स्वच्छता और स्वास्थ्य विभाग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहर में कचरे के ढेर लगे हैं। ऐसे में बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नालों की सफाई केवल ऊपरी तौर पर नहीं, बल्कि बॉटम स्तर से की जानी चाहिए। साथ ही निकाली गई गाद और मिट्टी को तुरंत हटाया जाए, अन्यथा वह दोबारा नालों में जाकर जल प्रवाह को बाधित करती है।
पन्नालाल नगर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सुरक्षा दीवार के अभाव में पहले भी हादसे हो चुके हैं। हाल ही में रामेश्वर रवरासे, राजलता बागड़ी और राठी के घरों की दीवारें गिरने से जानमाल का खतरा पैदा हुआ। अंबा नाला, पन्नालाल नगर, इंदिरा नगर, गरीब नगर, चुनाभट्टी, मारुति नगर, देसाई लेआउट और श्रीनाथ वाडी जैसे क्षेत्रों में हर वर्ष बारिश के दौरान नागरिकों को जोखिम उठाना पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
बांबल ने बताया कि उनके कार्यकाल (2016-17) में 16 बड़े और 18 उपनालों के दोनों ओर सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 375 करोड़ 80 लाख रुपये का डीपीआर तैयार किया गया था। इसमें राजापेठ से एचवीपीएम तक 1700 मीटर लंबे नाले के लिए 44 करोड़ रुपये का प्रावधान भी शामिल था। उन्होंने इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार से पुनः फॉलोअप करने की मांग की है।
नागरिकों की सुविधा के लिए संबंधित ठेकेदारों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और सुपरवाइजरों के नाम व संपर्क नंबर सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके।
बांबल ने चेतावनी दी कि यदि मनपा प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो वे नागरिकों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।