Amravati News: मेलघाट में 'भूत' की अफवाह से खाली हुई थी आश्रमशाला, काउंसलिंग के बाद छात्र लौटने लगे स्कूल

Ghost Rumours In Melghat: अमरावती के मेलघाट डोमा आश्रमशाला में भूत की अफवाह से 600 छात्र घर लौट गए। विशेषज्ञों ने इसे सामूहिक मानसिक तनाव बताया, काउंसलिंग से छात्र लौट रहे हैं।
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अमरावती मेलघाट आश्रमशाला(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Melghat Ashram School: अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र स्थित डोमा की शासकीय आदिवासी आश्रमशाला इन दिनों 'भूत-प्रेत' और अंधविश्वास की अफवाहों के कारण सुर्खियों में है। कथित 'भूत' के खौफ से स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 600 छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर घर लौट गए हैं, जिसके चलते पूरी आवासीय आश्रमशाला खाली पड़ गई है। इस घटना ने आदिवासी छात्रों की शिक्षा पर गहरा असर डाला है। घटना की शुरुआत 22 जुलाई को हुई, जब आश्रमशाला की चार छात्राएं अचानक से असामान्य व्यवहार करने लगीं।

वे बिना किसी कारण के रोने, हंसने और अजीब हरकतें करने लगीं। डरे हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन छात्राओं को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि छात्राओं को कोई शारीरिक बीमारी नहीं है। इस घटना की खबर जैसे ही अभिभावकों तक पहुंची, उन्होंने तुरंत अपनी बेटियों को स्कूल से घर बुला लिया। इसके बाद बाकी छात्रों में भी दहशत फैल गई और देखते ही देखते 600 से अधिक छात्र आश्रमशाला छोड़कर अपने-अपने घर चले गए।

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अमरावती के आदिवासी छात्रावास में भूत-प्रेत की अफवाह से हड़कंप! 600 आदिवासी छात्रों ने छोड़ा स्कूल

स्कूल में फैल रही अफवाहें

घटना के बाद इलाके में अंधविश्वास और अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में लगे महुए के पेड़ को काटने से आत्माएं नाराज हो गई हैं। एक चर्चा यह भी है कि स्कूल का गंदा पानी पास के एक मंदिर में चला गया, जिससे देवी-देवता क्रोधित हो गए हैं। इलाके में यह भी अफवाह है कि पास ही के एक मृत आदिवासी युवक की आत्मा बच्चों को परेशान कर रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आदिवासी विकास विभाग की जांच में इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भूत-प्रेत की किसी भी घटना से साफ इनकार किया है। उनका मानना है कि यह 'मास हिस्टीरिया' यानी सामूहिक मानसिक तनाव का मामला हो सकता है। कुछ छात्राओं के असामान्य व्यवहार और उसके बाद फैली अफवाहों ने बाकी बच्चों के दिमाग में खौफ पैदा कर दिया।

समुपदेशन का सकारात्मक असर

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर हालात सामान्य करने के लिए परामर्श कार्यक्रम शुरू किया है। अंनिस के कार्यकर्ताओं ने खुद आश्रमशाला में रुककर यह साबित किया कि वहां कोई भूत शक्ति नहीं है। प्रशासन ने अभिभावकों से वे अफवाहों पर विश्वास न करें और बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न होने देने की अपील की है। इस काउंसलिंग का सकारात्मक असर भी दिखने लगा है। कई छात्राएं डर से बाहर आकर वापस स्कूल लौटने लगी।

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