बोर्ड परीक्षा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Amravati Division Exam Suspension: राज्य में इस वर्ष आयोजित दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। विशेष रूप से अमरावती विभाग में सामने आए मामलों ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। विभाग ने बारहवीं परीक्षा के दौरान नकल के 59 मामले दर्ज किए, जो राज्य में सबसे अधिक माने जा रहे हैं।
फरवरी-मार्च के दौरान आयोजित इन परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी शामिल हुए थे। व्यापक स्तर पर बोर्ड परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं, लेकिन कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और दोषी पाए गए कुल 103 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
103 – कुल निलंबित कर्मचारी
50 – अमरावती में
33 – छत्रपति संभाजीनगर
5 – लातूर
4 – नागपुर
59 – बारहवीं नकल मामले (अमरावती)
25 – दसवीं में सबसे ज्यादा (पुणे)
इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया है। कार्रवाई के तहत अमरावती विभाग के 50 कर्मचारी, छत्रपति संभाजीनगर के 33, लातूर के 5 और नागपुर के 4 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अन्य विभागों में भी नकल के कुछ मामले सामने आए हैं, हालांकि कोकण विभाग ने ‘शून्य कॉपी’ की अपनी परंपरा को कायम रखा है, जो सराहनीय माना जा रहा है।
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अमरावती विभाग में बड़ी संख्या में निलंबन की कार्रवाई से प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, दसवीं परीक्षा में पुणे विभाग में सबसे अधिक 25 नकल के मामले सामने आए हैं। इस सख्त कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व निष्पक्ष बनेगी तथा विद्यार्थियों में ईमानदारी के साथ परीक्षा देने की भावना को बढ़ावा मिलेगा।