Akola News: श्रीक्षेत्र कालवाडी में संत तुकाराम महाराज बीज उत्सव भक्तिभाव और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हुआ. विदर्भ की देहू कहलाने वाली इस पावन भूमि पर हजारों श्रद्धालु संत दर्शनार्थ पहुंचे. गुरुवर्य संत वासुदेव महाराज की प्रेरणा और पंजाबराव हिंगणकर के प्रयासों से निर्मित संत तुकाराम मंदिर में बीज उत्सव का आयोजन पिछले 43 वर्षों से निरंतर हो रहा है. फाल्गुन वद्य बीज की सुबह संताभिषेक और महापूजा से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. टालमृदंग की गूंज और अभंग गायन से वातावरण भक्तिमय हो उठा. कलशारोहण समारोह के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई.
कलश और पादुकाओं का पूजन श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह से किया. इस अवसर पर दत्ता पाटिल ओलंबे, वृषाली ओलंबे, मुगुटराव बढे, विजय पाटिल वानखडे सहित कई भक्त परिवारों ने पूजनअभिषेक की सेवा निभाई. ग्रामस्थों ने एक अनाथ, बेघर और दिव्यांग ब्रह्मचारी के हाथों मंदिर का कलश स्थापित कर समाज के सामने समता और सेवा का अद्वितीय आदर्श प्रस्तुत किया. संत तुकाराम महाराज की अभंगवाणी जे कां रंजले गांजले, त्यांसी म्हणे जो आपुले का जीवंत दर्शन इस आयोजन में हुआ. हरिनाम सप्ताह और प्रवचन 9 से 16 मार्च तक अखंड हरिनाम सप्ताह का आयोजन किया गया है.
गाथा पारायण में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए. पारायणपीठ का नेतृत्व मोहन महाराज रेले ने किया, जबकि प्रवचन प्राचार्य गजाननराव चोपडे ने दिया. इस अवसर पर ज्ञानेशप्रसाद पाटिल, मोहन महाराज रेले, विष्णु महाराज गावंडे, सोपान महाराज, विक्रम महाराज शेटे और अन्य संतजन का सत्कार किया गया. ग्राम नेव्होरी, वरूर जऊलका, वारुला और जलगाव नहाटे से आए टालकरी मंडलियों ने आयोजन में विशेष सहयोग दिया.