Amravati News: मेलघाट टाइगर रिजर्व एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक शानदार मौका लेकर आया है. वन विभाग ने पर्यटकों के लिए जंगल के बीचोंबीच ऊंचे मचानों पर ठहरने की विशेष सुविधा शुरू की है. मेलघाट टाइगर रिजर्व के चिखलदरा क्षेत्र में कुंभी बल्डा नामक स्थान पर ये ऊंचे मचान प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं. चिखलदरा रेंजर्स कॉलेज से वैराट की ओर जाते समय यह स्थान आता है. चारों ओर ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं, गहरी घाटियां और घना जंगल इस जगह को बेहद खूबसूरत और रोमांचक बनाते हैं.
वन विभाग का नया इकोस्टे मचान शुरू वन विभाग ने लोहे के मजबूत खंभों पर कुल चार मचान तैयार किए हैं. इन्हें इकोस्टे का नाम दिया गया है. ये मचान जमीन से लगभग 40 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं. एक मचान पर दो व्यक्ति आसानी से रह सकते हैं. इनमें शौचालय वॉशरूम और रहने की सुरक्षित व्यवस्था की गई है. इन मचानों को चुर्णी, कुंभी, अमलतास और रानजाई जैसे पेड़ों के नाम दिए गए हैं. रोमांच के साथ सुरक्षा के कड़े नियम वन अधिकारियों के अनुसार यह अनुभव जितना रोमांचक है उतना ही सुरक्षित भी है.
हालांकि, पर्यटकों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं. अंधेरा होने के बाद पर्यटकों को मचान से नीचे उतरने की अनुमति नहीं. इस क्षेत्र में निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित है. बुकिंग करने वाले पर्यटकों को वन विभाग के वाहन से ही मचान तक पहुंचाया जाता है. क्यों खास है मेलघाट का अनुभव मेलघाट का जंगल अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. यहां 100 से अधिक बाघों के साथसाथ भालू, सांभर और जंगली गौर जैसे वन्यजीव भारी संख्या में पाए जाते हैं.
मचान पर रात बिताते समय पर्यटक चांदनी रात में वन्यजीवों की हलचल देख सकते हैं और गहरी घाटी से आने वाली ठंडी हवाओं का आनंद ले सकते हैं. ऐसे करें बुकिंग मचान से प्रकृति का आनंद लेने के लिए वनविभाग की अधिकारिक वेबसाइट Magical Melghat के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. एडवेंचर के शौकीनों ने इसका अनुभव अवश्य लेने का आह्वान वनविभाग की ओर से किया गया है.