Amravati Politics News: दर्यापूर नगर परिषद (नप) में कांग्रेस ने चुनाव में एकतरफा जीत दर्ज की, लेकिन सत्ता मिलने के बावजूद पार्टी के भीतर फूट ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।
सत्ता की चाबी मिलते ही कुछ अनुभवी और पुराने नगरसेवकों को नजरअंदाज कर नए चेहरों को नगरपालिका की जिम्मेदारी दी गई। इस फैसले ने पार्टी में गहरी दरारें पैदा कर दी हैं। नई नियुक्त नगरसेवकों ने सभापति पद संभालते ही सोशल मीडिया पर अपना राजीनामा वायरल कर दिया, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा। इस घटना ने पार्टी अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं और नगरपालिका पर असल नियंत्रण को लेकर विवाद बढ़ा दिया है।
विकास कार्यों के संचालन में भी नगरसेवकों की उपेक्षा की गई। कुछ वार्डों में भूमिपूजन और कार्यक्रम उनके विश्वास में लिए बिना आयोजित किए गए, जिससे नाराजगी और बढ़ी। इसके चलते कुछ नगरसेवक स्वतंत्र गुट बनाने की दिशा में सक्रिय हैं, जो भविष्य में कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है।
दर्यापूर में त्रिमूर्ति के रूप में जाने जाने वाले बलवंत वानखड़े, सुधाकर पाटिल भारसाकडे और बालासाहेब हिंगणीकर की तिकड़ी भी कमजोर पड़ गई है। हिंगणीकर ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात कर भाजपा का साथ लिया, जिससे संगठनात्मक शक्ति कमजोर हुई और विपक्ष को बढ़त मिली।
वहीं, भाजपा के नगरसेवक रोशन कटयारमल प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। कांग्रेस के आंतरिक विवादों का फायदा उठाते हुए उन्होंने नगरपालिका पर दबाव बना लिया है, जिससे पार्टी को जनता और प्रशासन दोनों स्तरों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।