

Amravati Mahavitaran Protest: दर्यापुर शहर में बिजली की किल्लत से त्रस्त महिला पार्षदों ने हाल ही में बिजली वितरण कंपनी महावितरण के कार्यालय जाकर अधिकारियों को बेशरम बेहया के पौधे भेंट कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन से प्रशासन के खिलाफ जनता का गुस्सा तो उजागर हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे वास्तव में बिजली की समस्या हल होगीफोटोबेशरम पौधाराज्य में बिजली की भारी कमी महसूस की जा रही है।
बढ़ता तापमान, औद्योगिक मांग और उत्पादन की सीमाओं के कारण बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में बिजली कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी भी सीमित संसाधनों में काम कर रहे हैं। केवल प्रतीकात्मक आंदोलन कर उन पर दोषारोपण करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
पार्षदों द्वारा किया गया प्रदर्शन जनता की भावनाओं का प्रतीक तो है, लेकिन जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी सिर्फ आंदोलन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें दर्यापुर शहर में बिजली वितरण व्यवस्था की तकनीकी खामियों, लाइन लॉस और नियोजन के अभाव जैसे मुद्दों पर शासन स्तर पर ठोस पैरवी करनी चाहिए।
दूसरी ओर, बिजली कंपनी के अधिकारियों को भी नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संवाद बढ़ाने की जरूरत है। लोडशेडिंग का स्पष्ट शेड्यूल बताना और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने से जनता का आक्रोश कम हो सकता है।
आज जरूरत केवल गुस्सा जाहिर करने की नहीं, बल्कि समन्वय के साथ रास्ता निकालने की है। यदि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और बिजली कंपनी मिलकर दीर्घकालिक योजनाएं नहीं बनाते, तो बेशरम के पौधे देने जैसी घटनाएं सिर्फ चर्चा का विषय बनी रहेंगी और शहर में अंधेरा कायम रहेगा।
समस्या दूर करने का प्रयासबढ़ते तापमान के कारण डीपी ट्रांसफॉर्मर पर लोड बढ़ रहा है, जिससे ब्रेकडाउन की समस्या आ रही है। हमारी टीम इस समस्या को दूर करने के लिए दिनरात काम कर रही है। जल्द ही स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाएगा। विक्रम काटोले, उपकार्यकारी अभियंता, महावितरण, दर्यापुर