अकोला: 3 मई तक भीषण हीटवेव और अचानक बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलने की दी सलाह

Akola News: अकोला में 29 अप्रैल से 3 मई तक तीव्र उष्णलहर और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर में बाहर न निकलने और मजदूरों की सुरक्षा के विशेष निर्देश दिए हैं।
Akola faces a severe heatwave and rain alert until May 3. Authorities advise staying indoors from 12 PM to 4 PM and have issued safety protocols for outdoor workers.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Akola Heatwave Alert News: नागपुर स्थित प्रादेशिक मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि जिले में 29 अप्रैल से 3 मई तक तीव्र उष्णलहर हीटवेव का प्रभाव रहेगा। इस दौरान अचानक बारिश की भी संभावना है। इस परिप्रेक्ष्य में जिला प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

आने वाले दिनों में जिले में तेज गर्मी और अचानक बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और कामगारों से सतर्क रहने, स्वास्थ्य की देखभाल करने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। मौसम की स्थितिइस अवधि में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।

प्रशासन ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचें। अधिक तापमान में शारीरिक श्रम वाले कार्य टालें और ज्वलनशील पदार्थों से दूरी बनाए रखें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न रखें। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँप्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

सिरदर्द, कमजोरी, अत्यधिक पसीना, चक्कर आना आदि लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। पशुधन और पालतू जानवरों को छावनी में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएँ। बिजली, हवा और बारिश से बचावतेज हवा और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें। पेड़ों के नीचे खड़े न हों। अकोला बारिश और बिजली गिरने की स्थिति में मोबाइल फोन का उपयोग न करें।

अकोला किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों का माल सुरक्षित स्थान पर रखें। कामगारों की सुरक्षा हेतु उपायउष्णलहर से सबसे अधिक प्रभावित वर्ग निर्माण मजदूर, ईंट भट्ठा कामगार, खनन मजदूर, किसान और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हैं। इनके लिए प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। कार्यस्थलों पर पर्याप्त छाया और विश्राम की व्यवस्था की जाए।

कार्य समय का पुनर्नियोजन कर भारी काम दिन के ठंडे समय में किया जाए। पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और आपातकालीन आइस पैक उपलब्ध कराए जाएँ। श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।

अत्यधिक गर्मी की स्थिति में कामगारों को काम की गति धीमी करने की अनुमति दी जाए। कार्यस्थल पर दो व्यक्तियों की टीम अनिवार्य की जाए ताकि आपात स्थिति में सहयोग मिल सके। जनजागृति अभियान चलाकर श्रमिकों और नागरिकों को उष्णलहर के खतरों से अवगत कराया जाए।

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