शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कौंडण्यपुर, मंत्री बावनकुले ने किया ऐलान

अमरावती जिले के श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर को भविष्य में शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से वर्धा जिले के पवनार तक जोड़ा जाएगा। यह घोषणा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अमरावती के एक कार्यक्रम में की।
कौंडण्यपुर शक्तिपीठ को राजमार्ग से जोड़ा जाएगा (0) पालकमंत्री बावनकुले का प्रतिपादन (0) वरदिनी नदी की पूजा कर 211 मीटर की साड़ी चढ़ाई शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कौंडण्यपुर, मंत्री बावनकुले ने किया ऐलान अमरावती: श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर को भविष्य में शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से वर्धा जिले के पवनार तक जोड़ा जाएगा ताकि विदर्भ आने वाले प्रत्येक भक्त को यहां की यात्रा करने में सुविधा हो और क्षेत्र का विकास हो सके। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कौंडण्यपुर विदर्भ की पंढरी, भगवान श्रीकृष्ण के ससुर तथा माता रुख्मिणी और पंच सती की तपोभूमि के रूप में सर्वविदित है। इस भूमि का इतिहास पांच हजार वर्ष पुराना है। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले शुक्रवार को अमरावती जिले के दौरे पर थे। उन्होंने विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर के दर्शन किए। साथ ही वरदिनी नदी (वर्धा नदी) की पूजा कर 211 मीटर की साड़ी चढ़ाई। यह साड़ी सूरत में बनाई गई थी। इस अवसर पर विधायक राजेश वानखेड़े, प्रताप अडसड, प्रवीण तायडे, सुमित वानखड़े, दादाराव केचे, प्रवीण पोटे, शेखर भोयर, रविराज देशमुख, किरण पातुरकर, राज राजेश्वर माऊली सरकार तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। पालकमंत्री ने कहा कि कौंडण्यपुर विदर्भ की पंढरी, भगवान श्रीकृष्ण के ससुर तथा माता रुख्मिणी और पंच सती की तपोभूमि के रूप में सर्वविदित है। इस भूमि का इतिहास पांच हजार वर्ष पुराना है। उन्होंने कहा कि माता विठु रुख्मिणी की पूजा करने से मुझे और अधिक सकारात्मक रूप से कार्य करने की ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम अंबा रुक्मिणी सांस्कृतिक महोत्सव और विट्ठल रुक्मिणी संस्थान समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर विट्ठल-रुक्मिणी रथ यात्रा, नगर प्रदक्षिणा, एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। ताल-मृदंग की ध्वनि के बीच भक्तिमय माहौल में भक्त, वारकरी और ग्रामीण विठु रखुमाई के जाप में शामिल हुए। लाभार्थी किसानों को कर्जमाफी मिलेगी उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को कर्ज माफी दिए जाने की मांग उठाई जा रही है। इसे लेकर सरकार सही समय पर निर्णय लेगी। किसानों को योजना में लाभ मिलेगा। मर्सिडीज कार में घूमने वाले और लेआउट धारक किसानों को इस योजना में समावेश नहीं किया जाएगा। कर्ज माफी के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने की तैयारी की जा रही है जिसकी घोषणा विधानसभा के सत्र में की जाएंगी। लाडली बहनों को मिलेंगे 2,100 रुपए उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही लाडली बहनों को 1500 की बजाय 2100 रुपए प्रतिमाह देंगी। यह सरकार हमारी प्यारी बहनों और किसान भाइयों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहेगी। जिले में पांधन रोड के विकास के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। श्रीक्षेत्र के विकास के लिए पांच वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। बिजली पर समीक्षा जिले के इस दौर में बावनकुले ने महावितरण एवं महापारेषण विभागों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसमें शहर में कौन सा नया स्टेशन बनाया जाए, इस पर  योजना दें। वर्ष 2034 को ध्यान में रखते हुए  शहर को लेकर आवश्यकता कैसी और कितनी रहेगी, उसके अनुसार अधिकारियों योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को महापारेषण के संबंध में किसानों द्वारा प्राप्त शिकायतों का समाधान करने का आदेश दिया। पालकमंत्री ने अधिकारी से  कहा कि वे अपने क्षेत्र में कितने सब स्टेशन उपयंत्री द्वारा बंद किए गए, ट्रिपिंग में कितना समय लगा, इसका डेटा उपलब्ध कराएं। महावितरण के अधिकारी हर महीने जनप्रतिनिधियों से संवाद करें। साथ ही पालकमंत्री कार्यालय जाकर शिकायतें भी लें। अगर यह संवाद होगा, तो शिकायतों का समाधान हो जाएगा। Chandrashekhar Bawankule Kaundanyapur will be connected Shaktipeeth Expressway Kaundanyapur will be connected to Shaktipeeth Expressway, Minister Chandrashekhar Bawankule, Amravati News, Amravati Hindi News, Shaktipeeth Expressway, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कौंडण्यपुर, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, अमरावती न्यूज, अमरावती हिंदी न्यूज, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे
अमरावती में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को भगवान विट्ठल रुक्मिणी की मूर्ति भेंट करते अतिथि (फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

अमरावती: श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर को भविष्य में शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से वर्धा जिले के पवनार तक जोड़ा जाएगा ताकि विदर्भ आने वाले प्रत्येक भक्त को यहां की यात्रा करने में सुविधा हो और क्षेत्र का विकास हो सके। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कौंडण्यपुर विदर्भ की पंढरी, भगवान श्रीकृष्ण के ससुर तथा माता रुख्मिणी और पंच सती की तपोभूमि के रूप में सर्वविदित है। इस भूमि का इतिहास पांच हजार वर्ष पुराना है।

मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले शुक्रवार को अमरावती जिले के दौरे पर थेञ उन्होंने विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर के दर्शन किए। साथ ही वरदिनी नदी (वर्धा नदी) की पूजा कर 211 मीटर की साड़ी चढ़ाई। यह साड़ी सूरत में बनाई गई थी।

इस अवसर पर विधायक राजेश वानखेड़े, प्रताप अडसड, प्रवीण तायडे, सुमित वानखड़े, दादाराव केचे, प्रवीण पोटे, शेखर भोयर, रविराज देशमुख, किरण पातुरकर, राज राजेश्वर माऊली सरकार तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

कौंडण्यपुर का इतिहास 5 हजार साल पुराना

पालकमंत्री ने कहा कि कौंडण्यपुर विदर्भ की पंढरी, भगवान श्रीकृष्ण के ससुर तथा माता रुख्मिणी और पंच सती की तपोभूमि के रूप में सर्वविदित है। इस भूमि का इतिहास पांच हजार वर्ष पुराना है। उन्होंने कहा कि माता विठु रुख्मिणी की पूजा करने से मुझे और अधिक सकारात्मक रूप से कार्य करने की ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम अंबा रुक्मिणी सांस्कृतिक महोत्सव और विट्ठल रुक्मिणी संस्थान समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर विट्ठल-रुक्मिणी रथ यात्रा, नगर प्रदक्षिणा, एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। ताल-मृदंग की ध्वनि के बीच भक्तिमय माहौल में भक्त, वारकरी और ग्रामीण विठु रखुमाई के जाप में शामिल हुए।

लाभार्थी किसानों को कर्जमाफी मिलेगी

उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को कर्ज माफी दिए जाने की मांग उठाई जा रही है। इसे लेकर सरकार सही समय पर निर्णय लेगी। किसानों को योजना में लाभ मिलेगा। मर्सिडीज कार में घूमने वाले और लेआउट धारक किसानों को इस योजना में समावेश नहीं किया जाएगा। कर्ज माफी के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने की तैयारी की जा रही है जिसकी घोषणा विधानसभा के सत्र में की जाएंगी।

लाडली बहनों को मिलेंगे 2,100 रुपए

उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही लाडली बहनों को 1500 की बजाय 2100 रुपए प्रतिमाह देंगी। यह सरकार हमारी प्यारी बहनों और किसान भाइयों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहेगी। जिले में पांधन रोड के विकास के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। श्रीक्षेत्र के विकास के लिए पांच वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी।

बिजली पर समीक्षा

जिले के इस दौर में बावनकुले ने महावितरण एवं महापारेषण विभागों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसमें शहर में कौन सा नया स्टेशन बनाया जाए, इस पर  योजना दें। वर्ष 2034 को ध्यान में रखते हुए  शहर को लेकर आवश्यकता कैसी और कितनी रहेगी, उसके अनुसार अधिकारियों योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को महापारेषण के संबंध में किसानों द्वारा प्राप्त शिकायतों का समाधान करने का आदेश दिया। पालकमंत्री ने अधिकारी से  कहा कि वे अपने क्षेत्र में कितने सब स्टेशन उपयंत्री द्वारा बंद किए गए, ट्रिपिंग में कितना समय लगा, इसका डेटा उपलब्ध कराएं। महावितरण के अधिकारी हर महीने जनप्रतिनिधियों से संवाद करें। साथ ही पालकमंत्री कार्यालय जाकर शिकायतें भी लें। अगर यह संवाद होगा, तो शिकायतों का समाधान हो जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com